मंत्री प्रह्लाद पटेल का पोस्ट सुर्खियों में

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प्रह्लाद पटेल

मंत्री प्रह्लाद पटेल ने राजगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत हो गई है। लोग नेताओं को माला पहनाकर अपनी मांगों का पत्र थमा देते हैं।

मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने भिखारी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर सफाई दी है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा है, ”मेरे मन में जनता सदैव जनार्दन रही है,चाहे उसने नकारा हो या स्वीकारा हो, यह मेरी निष्ठा का अतीत है, वह आज भी है लेकिन सुचिता की राजनीति भ्रष्ट और बेईमानों को कैसे रास आएगी? इसलिए मेरी बात को तूल दिया गया।” बता दें कि अपने ट्वीट में उन्होंने पहले बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी टैग किया था, हालांकि बाद में इसे हटा लिया।

कैबिनेट मंत्री ने क्या कहा था?

आपको बता दें कि बीते शनिवार को मंत्री प्रह्लाद पटेल ने राजगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि लोगों को सरकार से भीख मांगने की आदत हो गई है। लोग नेताओं को माला पहनाकर अपनी मांगों का पत्र थमा देते हैं। मंत्री ने इस आदत को गलत बताया था और लोगों से देने की भावना विकसित करने की बात की थी। उनके इस बयान के बाद विपक्ष उनपर हमलावर हो गया था और बीजेपी की किरकिरी हुई थी।

हालांकि मंत्री प्रह्लाद पटेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए इस पर सफाई दी थी। उन्होंने कहा था कि ‘ये सामाजिक मंच पर दिया गया बयान था। स्वाभिमान से समाज को खड़ा करना कोई अपराध नहीं। ये मेरे स्वजातीय भाइयों के बीच कहीं हुई मेरी व्यक्तिगत बात है, जिसे मैं पहले से करता आया हूं। पूरा बयान पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है।’

पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने दी नसीहत

राजगढ़ जिले के सुठालिया में कैबिनेट मंत्री द्वारा दिए गए बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह के द्वारा पलटवार करते हुए बयान दिया गया। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि प्रह्लाद पटेल का यह वक्तव्य की वो पुनः अपना बयान दोहराएंगे ये अति दुर्भाग्यपूर्ण है। आप केंद्र में मंत्री रहे हैं, वर्तमान में मंत्री है और अगर आपको केवल समाज की राजनीति ही करना है तो फिर इस्तीफा दे दीजिए। नरेंद्र मोदी जी ने भी कहा है कि वो समाज की राजनीति के खिलाफ है,उनकी पार्टी भी समाज के राजनीति के विरुद्ध है। अब आप जाने या मोदी जी जाने। मेरा यह कहना है कि आप अपना बयान बदल दें।

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Author: Red Max Media

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