दिल्ली हाई कोर्ट ने आतिशी को जारी किया नोटिस

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

दिल्ली हाई कोर्ट ने आतिशी को जारी किया नोटिस

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने कालकाजी सीट से निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद आतिशी को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी की नेता और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान कथित भ्रष्ट आचरण के आधार पर उनके निर्वाचन को चुनौती दी गई है। जस्टिस ज्योति सिंह ने निर्वाचन आयोग, दिल्ली पुलिस और कालकाजी विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी को भी नोटिस जारी किये। इसी विधानसभा सीट से आतिशी ने चुनाव जीता था। अदालत ने प्रतिवादियों से याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा तथा सुनवाई की तारीख 30 जुलाई तय की।

चुनाव के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश

हालांकि, निर्वाचन आयोग के वकील और निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कानून के अनुसार उन्हें चुनाव याचिका में पक्ष नहीं बनाया जा सकता। अदालत ने कहा कि उन्हें अपने जवाब में अपनी आपत्तियां दर्ज कराने की छूट होगी। इस बीच, अदालत ने निर्वाचन आयोग, निर्वाचन अधिकारी और पुलिस को कालकाजी निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कालकाजी के निवासी याचिकाकर्ता कमलजीत सिंह दुग्गल और आयुष राणा ने आतिशी की चुनावी जीत को चुनौती देते हुए दावा किया है कि वह और उनके मतदान एजेंट भ्रष्ट आचरण में लिप्त थे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की। अधिवक्ता टी.सिंहदेव के माध्यम से दायर याचिका में चुनाव को अमान्य घोषित करने की मांग की गई है।

‘वोट खरीदने’ के लिए रिश्वत देने का आरोप

आतिशी ने कालकाजी सीट पर भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी को 3,521 मतों से हराया था। ​​याचिकाकर्ता कालकाजी क्षेत्र के निवासी हैं। चुनाव के लिए मतदान 5 फरवरी को हुआ था और परिणाम आठ फरवरी को घोषित किए गए थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदान से एक दिन पहले चार फरवरी को आतिशी के करीबी सहयोगियों को निर्वाचन क्षेत्र में पांच लाख रुपये नकदी के साथ पकड़ा गया था और वे सहयोगी आतिशी के पक्ष में मतदाताओं के “वोट खरीदने” के लिए रिश्वत देने के पूर्व मुख्यमंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे थे। आप नेता पर जनप्रतिनिधि अधिनियम की धारा I23 (I)(A) के तहत “रिश्वत” देने का आरोप लगाया गया है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें