
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चरस तस्करी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने तीन तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1.10 करोड़ रुपये की चरस बरामद की। यह चरस हिमाचल प्रदेश के कसोल से लाई गई थी और इसे दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाना था। आरोपियों से पूछताछ जारी है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने चरस की आपूर्ति में शामिल सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से दो किलाग्राम से अधिक चरस बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1.10 करोड़ रुपये है।
बताया गया कि बरामद चरस हिमाचल प्रदेश के कसोल से मंगाई गई थी, जिसे दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति करना था। आरोपितों की पहचान यूपी लखीपुर खेरी के नसीब इंदर सिंह, पंजाब मोहाली के संदीप और हिमाचल प्रदेश के कसोल के इंदर सिंह उर्फ इंद्रू के रूप में हुई है।
क्राइम ब्रांच की उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता के मुताबिक, एएसआइ योगेंद्र को एक गुप्त सूचना मिली थी कि नसीब अपने साथी संदीप के साथ सफेद रंग की अर्टिगा कार से मजनू का टीला आने वाला है।
गुप्त सूचना पर टीम ने होटल महाराजा, ओल्ड मार्केट, तिमारपुर में छापेमारी करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 1438 ग्राम चरस की बरामद की गई। उनकी निशानदेही पर इंदर को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। घर की तलाशी के दौरान 696 ग्राम चरस बरामद की गई।
पूछताछ में नसीब ने बताया कि वह इंदर सिंह के खेतों में चरस की खेती करता था। उसके बाद संदीप, नसीब को अपनी टैक्सी में दिल्ली और एनसीआर में तस्करी के लिए ले जाता था। वहीं इंदर, नसीब के जरिए गांव छलाल की पहाड़ियों में चरस की खेती करवाता था।
Author: Red Max Media
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