
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगभग हर आदेश को कोर्ट से बड़ा झटका लग रहा है। कोर्ट या तो ट्रंप के आदेशों को पलट रहा या फिर उस पर रोक लगा रहा।
अमेरिकी कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ज्यादातर फैसलों को झटका ही लग रहा है। ताजा मामले में ट्रंप के उस फैसले पर अदालत ने स्टे बरकरार रखने का फैसला किया है, जिसमें उन्होंने सैकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश पारित किया था। अमेरिका की एक अपीलीय अदालत ने शुक्रवार को उस अनुरोध को खारिज कर दिया जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा संघीय कर्मचारियों की छंटनी के आदेश पर लगी रोक को हटाने की मांग की गई थी। इस फैसले से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में संघीय कार्यबल में कटौती की योजना को बड़ा झटका लगा है।
कोर्ट ने क्यों काटा ट्रंप का आदेश?
अपने दूसरे कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप लगातार विवादित फैसले ले रहे हैं। उनमें से यह भी फैसला विवादित हो चुका है। बता दें कि कैलिफोर्निया की न्यायाधीश सुसान इलस्टन ने स्टे का आदेश सुनाया था। अपीलीय अदालत का फैसला उनके द्वारा पहले दिए गए उस निर्णय को बरकरार रखता है, जिसमें उन्होंने प्रशासन की वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए छंटनी पर रोक लगा दी थी। ट्रंप प्रशासन ने तुरंत इस आदेश पर रोक लगाने की अपील की थी, जिसे अब अपीलीय अदालत ने नामंजूर कर दिया है।
क्या है ट्रंप का तर्क
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस आदेश को पारित करने के साथ दावा किया था कि उन्हें संघीय सरकार को पुनर्गठित करने का जनादेश मिला है। इसी क्रम में उन्होंने अरबपति एलन मस्क को दक्षता विभाग (DOGE) का नेतृत्व सौंपा था। रिपोर्टों के अनुसार अब तक लगभग 75,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है या छुट्टी पर भेजा गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही, हजारों परिवीक्षाधीन कर्मचारी भी पहले ही हटाए जा चुके हैं। यह मामला श्रमिक संघों और सैन फ्रांसिस्को व शिकागो जैसे शहरों द्वारा अदालत में चुनौती के रूप में लाया गया था।
अब तक ट्रंप के आदेशों को कोर्ट ने पलटा या असंवैधानिक घोषित किया?
संघीय कर्मचारियों की छंटनी
नौवीं सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने ट्रंप प्रशासन के संघीय कर्मचारियों की छंटनी के आदेश पर यह कहते हुए रोक बरकरार रखी कि इससे खाद्य सुरक्षा और पूर्व सैनिकों की देखभाल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
टैरिफ आदेश
अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने ट्रंप के व्यापक टैरिफ आदेशों को यह कहते हुए असंवैधानिक घोषित किया कि राष्ट्रपति के पास ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।
“बर्थराइट सिटिजनशिप” समाप्ति आदेश
चार संघीय न्यायाधीशों ने ट्रंप के उस आदेश को असंवैधानिक घोषित किया,जो गैर अमेरिकी-नागरिकों के बच्चों को नागरिकता से वंचित करता था।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर सैन्य सेवा प्रतिबंध
मार्च 2025 में एक संघीय न्यायाधीश ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगाई, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे फिर से लागू करने की अनुमति दी।
वे आदेश जिन पर कोर्ट ने अस्थायी रोक लगाई या विवाद जारी है
USAID कर्मचारियों की छुट्टी आदेश
फरवरी 2025 में एक न्यायाधीश ने इस आदेश पर अस्थायी रोक लगाई, जबकि मामला अदालत में विचाराधीन है।
विदेशी सहायता कार्यक्रमों में कटौती
एक न्यायाधीश ने इस आदेश के कुछ हिस्सों पर अस्थायी रोक लगाई, यह कहते हुए कि बिना उचित समीक्षा के विदेशी सहायता कार्यक्रमों को निलंबित करना उचित नहीं है।








