
समस्तीपुर जिले में वर्षों बाद पहली से 12वीं तक के शिक्षकों का व्यापक स्थानांतरण हो रहा है। राज्य से प्राप्त डेटा के अनुसार 5805 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा रहा है जिसमें 200 शिक्षक दूसरे जिलों से आ रहे हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जा रही है और दिव्यांग विधवा जैसी महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
जिले में वर्षों बाद बड़ी संख्या में पहली से 12वीं कक्षा तक के शिक्षकों का स्थानांतरण होगा। इसके लिए शिक्षकों ने पिछले वर्ष ही ऑनलाइन आवेदन किया था। विद्यालयों में गर्मी छुट्टी शुरू होने के उपरांत स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्य से जिला को 5805 शिक्षकों के स्थानांतरण का डाटा प्राप्त हुआ है।
इसमें दो सौ शिक्षक दूसरे जिलों से स्थानांतरित होकर समस्तीपुर आ रहे हैं। जिला को प्राप्त डाटा में मंगलवार को शाम तक 2040 शिक्षकों का स्थानांतरण पूरा कर लिया गया है। राज्य मुख्यालय से मिले आदेश के मुताबिक, अगले तीन दिनों में स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया आनलाइन माध्यम की जानी है। स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया गोपनीय है।
ऑनलाइन डाटा में एक-एक शिक्षकों का नाम और पता की जगह केवल विषय के साथ केवल विकल्प भेजा जा रहा है। राज्य मुख्यालय से ही शिक्षक का नाम, पता, लिंग, जाति, धर्म सबकुछ गोपनीय रखकर उसके स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसी विकल्प के आधार पर शिक्षकों को विद्यालय आवंटित किया जा रहा है।
पहले दिव्यांग, गंभीर बीमार, विधवा, परित्यक्ता, पति के पदस्थापन, महिला का स्थानांतरण किया जा रहा है। पहले विशिष्ट शिक्षक, टीआरई-वन और फिर टीआरई-दो के शिक्षकों का स्थानांतरण हो रहा है। जानकार सूत्रों के मुताबिक, जिले में स्थानांतरण चाहने वाले शिक्षकों की सबसे अधिक डिमांड झारखंड और उत्तर प्रदेश सीमा से लगे पंचायत में है।
100 से अधिक शिक्षकों ने रद किया आवेदन:
शिक्षा विभाग ने पिछले तीन दिनों से स्थानांतरण का आवेदन कर अब स्थानांतरण नहीं चाहने वालों को अपना ऑनलाइन आवेदन वापस लेने का अवसर दिया था। पिछले तीन दिनों में राज्य भर में 10 हजार से अधिक शिक्षकों ने अपना आवेदन वापस ले चुके है। इसमें समस्तीपुर जिला के भी 100 से अधिक शिक्षक अपना आवेदन वापस ले चुके है। इसकी संख्या अभी और बढ़ सकती है।
राज्य मुख्यालय से जिला को स्थानांतरण के लिए शिक्षकों का डाटा प्राप्त हुआ है। स्थानांतरण के लिए टीम बनाकर काम कराया जा रहा है। मंगलवार तक दो हजार से अधिक शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इससे विद्यालयों में शिक्षकों की कमी गर्मी छुट्टी के उपरांत दूर हो जाएगी।








