मिनियापोलिस के एक कैथोलिक स्कूल में बुधवार को फायरिंग होने से कम से कम 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। यह जानकारी स्थानीय अधिकारियों और अस्पतालों ने दी है।
मिनियापोलिस के एक कैथोलिक स्कूल में बुधवार को फायरिंग होने से दहशत फैल गई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस घटना कम से कम 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से जांच अधिकारी मौके पर हैं।
गवर्नर टिम वाल्ज़ ने इस घटना को “भीषण” बताया और कहा कि बच्चों और शिक्षकों के लिए स्कूल का यह पहला सप्ताह भयावह घटना से प्रभावित हुआ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मैं हमारे बच्चों और शिक्षकों के लिए प्रार्थना कर रहा हूं, जिनके स्कूल के पहले सप्ताह को इस भीषण हिंसा ने कलंकित कर दिया।”
हमलावर को पकड़ा
मिनियापोलिस नगर प्रशासन ने कहा कि एन्युशिएशन कैथोलिक स्कूल में गोलीबारी के बाद हमलावर को “काबू में कर लिया गया है। अब निवासियों के लिए कोई “सक्रिय खतरा” नहीं है। बाल चिकित्सा ट्रॉमा अस्पताल चिल्ड्रेन्स मिनेसोटा ने बताया कि कई बच्चों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। वहीं हेनेपिन हेल्थकेयर ने भी गोलीबारी में घायल लोगों के इलाज की पुष्टि की है। यह जो मिनेसोटा का सबसे बड़ा आपातकालीन विभाग है।
जांच एजेंसियां मौके पर
घटना के तुरंत बाद पुलिस, एफबीआई, अन्य संघीय एजेंसियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल al पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें इस “दुखद गोलीबारी” की जानकारी दी गई है और व्हाइट हाउस स्थिति की निगरानी कर रहा है। स्कूल को तत्काल खाली करवा लिया गया, और छात्रों के परिवारों को “पुनर्मिलन क्षेत्र” में भेजा गया ताकि वे अपने बच्चों से मिल सकें।
102 साल पुराना है स्कूल
1923 में स्थापित यह स्कूल प्री-के से आठवीं कक्षा तक की शिक्षा प्रदान करता है। स्कूल की वेबसाइट के अनुसार बुधवार सुबह 8:15 बजे एक सामूहिक प्रार्थना सभा (मास) आयोजित की गई थी। सोमवार को स्कूल का पहला दिन था। स्कूल के हाल के सोशल मीडिया पोस्ट में बच्चे स्कूल लौटने की खुशी में मुस्कुराते, कला परियोजनाएं दिखाते और साथ खेलते हुए दिखाई दे रहे थे। मिनियापोलिस में एक डेमोक्रेटिक बैठक के दौरान, डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के अध्यक्ष केन मार्टिन ने इस गोलीबारी का जिक्र किया और कहा कि पीड़ितों की संख्या स्पष्ट नहीं है।
अमेरिका के कई कॉलेज को मिली थी धमकी
बुधवार की स्कूल फायरिंग ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका के कई कॉलेज परिसरों पर फर्जी कॉल्स के जरिए फायरिंग की झूठी सूचनाएं दी गई थीं। इन कॉल्स में कभी-कभी बैकग्राउंड में गोली चलने की आवाजें भी सुनाई देती थीं, जिससे छात्रों में दहशत फैल गई थी और विश्वविद्यालयों ने “भागो, छिपो, लड़ो” जैसे संदेश भेजने शुरू कर दिए थे।








