अमेरिका में शटडाउन की वजह से हालात चिंताजनक

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अमेरिका में शटडाउन की वजह से हालात चिंताजनक

अमेरिका में शटडाउन की वजह से हालात चिंताजनक बने हुए हैं। अब इस चिंता को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने के एक बयान ने और बढ़ा दिया है। चलिए जानते हैं कि वेंस ने कहा क्या है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि सरकार का शटडाउन (सरकारी कमकाज ठप होना) जितना लंबा चलेगा, संघीय कार्यबल में उतनी ही अधिक कटौती होगी। वेंस के इस बयान से उन लाखों लोगों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है जो कांग्रेस (संसद) में जारी गतिरोध के बीच पहले से ही बिना वेतन के छुट्टी पर हैं। उपराष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि चूंकि संघीय शटडाउन का 12वां दिन है इसलिए नई कटौती ‘पीड़ादायक’ होगी।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि इस सप्ताह सेना को भुगतान किया जाए और कुछ सेवाएं कम आय वाले अमेरिकियों के लिए संरक्षित की जाएंगी, जिनमें खाद्य सहायता भी शामिल है। वेंस ने फॉक्स न्यूज के ‘‘संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स’’ में कहा, ‘‘यह जितना लंबा चलेगा, उतनी ही कटौतियां की जाएंगी। स्पष्ट रूप से इनमें से कुछ कटौतियां पीड़ादायक होंगी। यह ऐसी स्थिति नहीं है जिसका हम आनंद ले सकें। यह ऐसी स्थिति नहीं है जिसका हम इंतजार कर रहे थे लेकिन डेमोक्रेट्स ने हमें बहुत मुश्किल हालात में डाल दिया है।’’

कब शुरू हुआ था शटडाउन?

शटडाउन एक अक्टूबर को तब शुरू हुआ जब डेमोक्रटिक पार्टी के सदस्यों ने अल्पकालिक वित्तीय सहायता के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और मांग की कि विधेयक में ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ के तहत स्वास्थ्य बीमा के लिए संघीय रियायत का विस्तार शामिल किया जाए। फिलहाल, अमेरिका में ट्रंप सरकार और विपक्ष के बीच इसे लेकर अब तक सहमति नहीं बन पाई है।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है प्रभाव

शटडाउन से ना केवल कर्मचारियों का वेतन प्रभावित हुआ है बल्कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है। शटडाउन के कारण सरकारी खर्च में कमी आई है और इसे अर्थव्यवस्था के अन्य क्षेत्रों पर भी दबाव बढ़ रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक शटडाउन होने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। आने वाले समय में आर्थिक विकास की गति धीमी हो सकती है और वेतन भुगतान में परेशानी आ सकती है। बेरोजगारी दर में भी वृद्धि हो सकती है।

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Author: Red Max Media

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