मंत्री प्रहलाद पटेल ने पीएम मोदी को भेंट की अपनी पुस्तक ‘परिक्रमा-कृपा सार’

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मंत्री प्रहलाद पटेल ने पीएम मोदी को भेंट की अपनी पुस्तक ‘परिक्रमा-कृपा सार’

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री प्रहलाद पटेल ने पीएम मोदी को अपनी पुस्तक ‘परिक्रमा-कृपा सार’ भेंट की है। उन्होंने पीएम मोदी को अपनी उद्गम मानस यात्रा के दौरान एकत्रित 108 नदियों के उद्गम का पवित्र जल भी सौंपा है।

वरिष्ठ भाजपा नेता और मध्य प्रदेश सरकार में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट की। पटेल ने प्रधानमंत्री को अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक साधना का प्रतीक; माँ नर्मदा परिक्रमा के अनुभवों और अनुभूतियों पर संदर्भित पुस्तक ‘परिक्रमा-कृपा सार’ भेंट की। इसके साथ ही 108 नदियों के उद्गम स्थलों से संकलित पवित्र जल का संग्रह भी एक विशेष अखरोट के डिब्बे में अर्पित किया।

पुस्तक में क्या है खास?

मंत्री पटेल ने बताया कि यह पुस्तक उनके दो वर्षों के गहन श्रम और साधना का परिणाम है। उन्होंने दो बार नर्मदा परिक्रमा की है। उसी अनुभव, आस्था व तपस्या को इस पुस्तक में समर्पित भाव से संजोया है। यह ग्रंथ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भारतीय संस्कृति में नदियों और परिक्रमा की परंपरा का भी जीवंत दस्तावेज है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्री पटेल के इस आध्यात्मिक प्रयास की सराहना की और उनके समर्पण को प्रेरणास्पद बताया।

मोहन भागवत ने किया था पुस्तक का विमोचन

भेंट के दौरान मंत्री पटेल ने पीएम को अंगवस्त्र और पुष्प देकर स्वागत किया तथा अपनी पुस्तक की भावना और उद्देश्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ‘परिक्रमा कृपा सार’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि मातृ नर्मदा और भारत की जलसंस्कृति के प्रति श्रद्धा का साकार रूप है। पुस्तक का विमोचन 14 सितंबर,2025 को ‘हिंदी दिवस’ पर इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने किया था। अब प्रधानमंत्री को इस ग्रंथ का भेंट किया जाना; इसे राष्ट्रीयस्तर पर एक नई पहचान देता है।

क्या बोले प्रहलाद सिंह पटेल?

मंत्री पटेल ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा.- “प्रधानमंत्री से भेंट कर ‘परिक्रमा-कृपासार’ और 108 नदियों के जल का संग्रह भेंट किया। यह मेरे दो वर्षों की तपस्या है। प्रधानमंत्री के स्नेह और समय के लिए आभार। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण की भावनाओं से ओतप्रोत एक आध्यात्मिक संगम बन गई।” प्रहलाद सिंह पटेल की दूसरी पुस्तक भी शीघ्र प्रकाशित होगी। ये नर्मदा परिक्रमा से जुड़े अन्य प्रसंगों पर आधारित है।

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Author: Red Max Media

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