डी ऐस पी पर नशा निरोधक कार्य बल (एएनटीएफ) की कार्रवाई

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प्रतीकात्मक तस्वीर

एएनटीएफ ने हाल ही में फरवरी 2024 में 1.98 करोड़ अल्प्राजोलम टैबलेट और 40 किलोग्राम कच्चे अल्प्राजोलम की जब्ती से संबंधित मामले की जांच के बाद अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है।

पंजाब के अमृतसर में तैनात एक पुलिस उपाधीक्षक पर मादक पदार्थ तस्करों से सांठगांठ करने का मामला दर्ज किया गया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि वविंदर कुमार महाजन के खिलाफ पंजाब पुलिस की नशा निरोधक कार्य बल (एएनटीएफ) ने मामला दर्ज किया है। यादव ने कहा कि डीएसपी महाजन पर भ्रष्टाचार के आरोप में मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि जांच में पता चला कि उनकी कथित तौर पर मादक पदार्थ तस्करों से सांठगांठ थी।

डीजीपी ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। एएनटीएफ ने हाल ही में फरवरी 2024 में 1.98 करोड़ अल्प्राजोलम टैबलेट और 40 किलोग्राम कच्चे अल्प्राजोलम की जब्ती से संबंधित मामले की जांच के बाद अपने ही विभाग में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है, जिसमें पता चला कि महाजन एक रिश्वत मामले में शामिल थे।

45 लाख की रिश्वत ली थी

वर्तमान में महाजन अमृतसर में तैनात हैं। डीजीपी ने कहा कि मई में एक फार्मा कंपनी में संयुक्त निरीक्षण के दौरान एएनटीएफ टीम को एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित गंभीर उल्लंघन का पता चला था। उन्होंने कहा, “इस मामले की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि डीएसपी महाजन ने फार्मा कंपनी को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए उससे 45 लाख रुपये की रिश्वत ली थी।” महाजन ने कहा कि एएनटीएफ टीम द्वारा अमृतसर में आरोपी डीएसपी के आवास पर छापेमारी की गई, लेकिन पकड़ा नहीं जा सका और वह फरार हैं। उन्होंने कहा कि मामले की जांच जारी है।

 

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Author: Red Max Media

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