
कंगना की फिल्म इमरजेंसी के खिलाफ कई सिख संगठनों ने याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि फिल्म के माध्यम से सिखों की गलत तस्वीर पेश की जा रही है। जबलपुर में सिख संगत ने फिल्म के ट्रेलर के खिलाफ हाईकोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई थी। उधर सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र जारी नहीं होने पर फिल्म निर्माता कंपनी जी एंटरप्राइजेज ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
किसानों के मुद्दे पर विवादों में घिरीं अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी के रिलीज का रास्ता साफ हो गया है। मगर एक शर्त का पालन करना होगा। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को जानकारी दी है कि वह फिल्म ‘इमरजेंसी’ को प्रमाण पत्र जारी करने को तैयार है। मगर फिल्म के कुछ हिस्सों में काट छांट करनी होगी।
पहले छह सितंबर को होनी थी रिलीज
पहले यह फिल्म छह सितंबर को रिलीज होनी थी। मगर प्रमाणपत्र नहीं मिलने की वजह से फिल्म की रिलीज डेट को टालना पड़ा था। बता दें कि मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत की यह फिल्म 1975 में देश में लगे आपातकाल पर आधारित है। फिल्म में कंगना रनौत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका में हैं।
अब 30 सितंबर को होगी सुनवाई
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने फिल्म के प्रमाणपत्र जारी करने पर फैसला नहीं लेने पर सेंसर बोर्ड को फटकार लगाई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सेंसर बोर्ड के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड की संशोधन समिति ने फिल्म को रिलीज करने से पहले कुछ हिस्सों में कट लगाने का सुझाव दिया है।
उधर, फिल्म की निर्माता कंपनी जी एंटरटेनमेंट ने फिल्म में कट लगाए जा सकते हैं या नहीं… इस पर फैसला करने के लिए समय मांगा है। अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।








