
सोमवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन स्थगित रही। जार्ज सोरोस और कांग्रेस के संबंधों पर लोकसभा और राज्यसभा का माहौल गर्म रहा। कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में ही राहुल गांधी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि अदाणी मामले में मुखर कांग्रेस अब बैकफुट पर है। उसने सदन चलाने की मांग की। मगर जार्ज सोरोस का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
बैकफुट पर दिखी कांग्रेस
यानी अनुकूल मुद्दा है तो हंगामा ठीक, अपने प्रतिकूल मुद्दा है तो गलत। यह दोहरा रवैया ठीक नहीं है। इस दौरान हंगामे के चलते दोनों सदन की कार्यवाही पहले 12 बजे, फिर दो बजे, तीन बजे तक और बाद में पूरे दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।
नहीं मिला टीएमसी और सपा का साथ
कांग्रेस सांसदों ने किया विरोध प्रदर्शन
वहीं शिवसेना-यूटीबी उसके साथ खड़ी दिखी। कांग्रेसी सांसदों ने इस दौरान संसद परिसर के बाहर राहुल गांधी की अगुवाई में विरोध प्रदर्शन भी किया। कांग्रेस ने इस बीच सभापति पर भेदभाव का आरोप लगाया है। भाजपा की ओर से जैसे ही जार्ज सोरोस और कांग्रेस का मुद्दा उछाला गया वैसे ही कांग्रेस ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
विभाजनकारी ताकतों को हराने का संदेश सदन को देना चाहिए: धनखड़
सभापति धनखड़ ने कहा कि ऐसी ताकतें जो देश की संप्रभुता व सुरक्षा के लिए खतरा है और वह देश की प्रगति की राह में अगर रोड़ा खड़ा करने की कोशिश कर रही है, हमें उन्हें पहचानना होगा। उन्हें हराना होगा। यह एक ऐसी भावना है जिसके साथ देश के 140 करोड़ लोग खड़े है। यह भावना इस सदन से निकलनी चाहिए। हम ऐसी नापाक साजिशों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।
चुप रहे तो यह हमें कोविड बीमारी से अधिक नुकसान पहुंचाएगी। यह ऐसा अवसर है, जहां पूरे देश को एक स्वर में बोलने की जरूरत है। ताकि देश सभी दुश्मनों को सबक मिले। हम अपनी राष्ट्रीयता को कम नहीं होने देंगे। हम अपनी एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए किसी भी चुनौती को बर्दाश्त नहीं करेंगे।








