
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया (सीबीसीआई) द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में पहुंचे। इस दौरान पीएम ने कहा कि भारत विदेश में भी अपने नागरिकों की रक्षा करता है। कोई मुश्किल आने पर नागरिकों को वतन वापस लाया जाता है। भारत अपनी विदेश नीति में राष्ट्रीय हित के साथ-साथ मानव हित को भी प्राथमिकता देता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि प्रभु ईसा मसीह की शिक्षाएं प्रेम, सद्भाव और भाईचारा सिखाती हैं और इस भावना को मजबूत बनाने के लिए सभी को काम करना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ जन-केंद्रित नीति जैसी भारत ने अपनाई है, 21वीं सदी की दुनिया को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
पहली बार पीएम ने कार्यक्रम में लिया हिस्सा
भारत के कैथोलिक बिशप कॉन्फ्रेंस द्वारा आयोजित क्रिसमस समारोह में मोदी ने कहा कि जब समाज में हिंसा फैलाने और विघटन पैदा करने की कोशिश की जाती है तो उन्हें बहुत दुख होता है। जर्मनी में क्रिसमस बाजार पर हुए हमले और श्रीलंका में 2019 ईस्टर बम विस्फोटों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ऐसी चुनौतियों से एकसाथ मिलकर लड़ना जरूरी है। ऐसा पहली बार है जब किसी प्रधानमंत्री ने भारत के कैथोलिक चर्च (सीबीसीआई) के मुख्यालय में इस तरह के कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
नागरिकों को सुरक्षित लाना कर्तव्य
मोदी ने कहा, ”एक दशक पहले जब हम फादर एलेक्सिस प्रेम कुमार को युद्धग्रस्त अफगानिस्तान से सुरक्षित वापस लाए थे तो यह मेरे लिए बहुत संतोषजनक क्षण था। वह आठ महीने तक वहां फंसे रहे और बंधक बने रहे। हमारे लिए ये सभी मिशन महज राजनयिक मिशन नहीं हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों को वापस लाने की भावनात्मक प्रतिबद्धता है।” उन्होंने कहा कि चाहे वे कहीं भी हों या किसी भी संकट का सामना कर रहे हों, आज का भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाना अपना कर्तव्य समझता है।
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Author: Red Max Media
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