प्रशांत किशोर लग्जरी वैन इस्तेमाल करने पर घिरे

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अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर लग्जरी वैन इस्तेमाल करने पर घिरे
प्रशांत किशोर ने कहा कि कुछ लोगों ने तो यहां तक ​​कहा कि वैन की कीमत 4 करोड़ रुपये है और किराये पर 25 लाख रुपये लगते हैं। अगर ऐसा है तो मुझे वह किराया दे दीजिए। मैं इसका इस्तेमाल करूंगा। लोग कितने मूर्ख हो सकते हैं?

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) पटना में भूख हड़ताल के दौरान लग्जरी वैनिटी वैन इस्तेमाल करने पर घिर गए हैं। उनके विरोधी लग्जरी वैन को लेकर पीके पर निशाना साध रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वैनिटी वैन में 5 स्टार होटल जैसी सुविधाएं हैं। इसमें आरामदायक बिस्तर, बैठने के लिए सोफा सेट, बाथरूम जैसी कई सुविधाएं हैं। दरअसल, जिस जगह पर प्रशांत किशोर आमरण अनशन पर बैठे हैं, उस जगह पर एक वैनिटी वैन खड़ी है। वह इसी वैन में फ्रेश होते हैं लेकिन विरोधियों का आरोप है कि यह वैन पीके के आराम के लिए लाई गई है।

प्रशांत किशोर ने दिया विरोधियों को जवाब

वैनिटी वैन को लेकर चल रहे विवाद पर जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए मेरी आलोचना करना कोई नई बात नहीं है। मैं यहां छात्रों के समर्थन में आया हूं। कोई भी आकर नेतृत्व कर सकता है, चाहे ये राहुल गांधी हैं या तेजस्वी यादव…।

 

 

पीके ने खुद बताई वैन की कीमत

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि कुछ लोग इस वैन की कीमत 2 करोड़, कुछ लोग 4 करोड़ बता रहे हैं। कुछ लोग कह रहे हैं इसे 25 लाख रुपये में किराए पर लिया है। उन्होंने कहा कि इस वैन की कीमत ही 25 लाख रुपये है। पीके ने कहा कि वह इस वैन में बने शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। पीके ने यह भी कहा कि अगर किसी को लगता है कि हम 25 लाख किराया दे रहे हैं तो मुझे वह किराया दे दीजिए। मैं इसका इस्तेमाल करूंगा। उन्होंने विरोधियों से कहा कि जिसको दिक्कत है वे इसे ले जाएं और हमारे लिए शौचालय उपलब्ध करा दें।

प्रशांत किशोर बोले- अनशन पर अडिग हूं

प्रशांत किशोर ने कहा कि दोबारा परीक्षा आयोजित करके सरकार ने कानूनी तौर पर स्वीकार किया है कि छात्रों के एक निश्चित अनुपात के साथ परीक्षा में अनियमितता हुई थी। विपक्षी दलों द्वारा मेरी आलोचना करना कोई नई बात नहीं है। राजनीति अलग है लेकिन यहां जन सुराज का बैनर नहीं है, मैं यहां छात्रों के समर्थन में आया हूं। कोई भी आकर नेतृत्व कर सकता है, चाहे राहुल गांधी हों या तेजस्वी यादव, हम पीछे खड़े होने के लिए तैयार हैं। बस छात्रों का काम होना चाहिए। मुख्यमंत्री को छात्रों की मांगों के लिए उनसे मिलना चाहिए, यह राज्य के हित में है। मैं इस अनशन पर अडिग हूं, सरकार को तय करना है कि वह आगे क्या करना चाहती है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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