पोंजी स्कीम पीड़ितों को मिली राहत

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पोंजी स्कीम पीड़ितों का प्रदर्शन

पोंजी स्कीम के पीड़ितों को वापस मिली 3300 करोड़ से अधिक की संपत्ति, ED ने 7 सालों में सुलझाया मामला;

ये कंपनियां जमाकर्ताओं से भूखंडों के लिए अग्रिम राशि के रूप में राशि एकत्र करती थीं। जबकि इसके विपरीत कंपनी के पास इसके अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं थी। उक्त बिजनेस माड्यूल पर अमल कर आरोपितों ने लाखों लोगों को लालच दिया और उनसे राशि प्राप्त की। एकत्रित राशि को बाद में जमाकर्ताओं की जानकारी के बिना बिजली ऊर्जा डेरी मनोरंजन स्वास्थ्य जैसे विभिन्न उद्योगों में लगाया गया।

 ईडी ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना सहित कुछ अन्य राज्यों में संचालित पोंजी स्कीम के पीड़ितों को 3,339 करोड़ रुपये की संपत्ति वापस दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उसने एक बयान में कहा है कि यह मामला एग्री गोल्ड समूह की कंपनियों से जुड़ा हुआ है।

इस पर आरोप है कि उसने ज्यादा रिटर्न या आवासीय भूखंड का झांसा देकर लगभग 19 लाख ग्राहकों से रियल एस्टेट में निवेश के नाम पर कुल 32 लाख खातों में राशि जमा कराई। इस मामले में ईडी ने 2018 में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में दर्ज कई प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

अदालत ने 21 फरवरी को क्षतिपूर्ति के लिए ईडी की याचिका स्वीकार कर ली, जिससे पीड़ितों को कुर्क की गई 3,339 करोड़ रुपये की संपत्तियों को लौटाने का रास्ता साफ हो गया है।बयान के अनुसार, ईडी ने जांच पाया कि एग्री गोल्ड समूह ने रियल एस्टेट व्यवसाय की आड़ में एक फर्जी निवेश योजना चलाई, जिसके लिए 130 से अधिक कंपनियां बनाई गईं।

ये कंपनियां जमाकर्ताओं से भूखंडों के लिए अग्रिम राशि के रूप में राशि एकत्र करती थीं। जबकि इसके विपरीत कंपनी के पास इसके अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं थी। उक्त बिजनेस माड्यूल पर अमल कर आरोपितों ने लाखों लोगों को लालच दिया और उनसे राशि प्राप्त की। 

एकत्रित राशि को बाद में जमाकर्ताओं की जानकारी के बिना बिजली, ऊर्जा, डेरी, मनोरंजन, स्वास्थ्य जैसे विभिन्न उद्योगों में लगाया गया। कंपनियों ने नकद या अन्य स्वरूप में जमा राशि लौटाने में चूक की। 

ईडी ने दावा किया है कि जांच में पाया गया कि एग्री गोल्ड समूह ने लोगों को लुभाने के लिए हजारों कमीशन एजेंट नियुक्त किए थे। वे 32 लाख से अधिक निवेशक खातों से लगभग 6,380 करोड़ रुपये एकत्र करने में सफल रहे। एजेंसी ने जांच के दौरान 4,141.2 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की। तीन लोगों को गिरफ्तार किया और दो आरोपपत्र दायर किए।

 

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Author: Red Max Media

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