दिल्ली विधानसभा मेंआज पेश होगी सीएजी रिपोर्ट

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दिल्ली की सी एम् रेखा गुप्ता और विपक्ष की नेता आतिशी मर्लेना

दिल्ली विधानसभा में आज सीएजी रिपोर्ट पेश की जाएगी। सीएजी रिपोर्ट में पिछली केजरीवाल सरकार की शराब नीति से लेकर शीशमहल तक हुए खर्चे पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

दिल्ली की सत्ता अब भाजपा के हाथों में हैं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नई सरकार सत्ता पर काबिज है। रेखा गुप्ता की सरकार बनने के बाद से दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र सोमवार को शुरू हो गया है। मंगलवार यानी आज विधानसभा के पहले सत्र का दूसरा दिन है और आज विधानसभा में सीएजी (CAG) रिपोर्ट पेश की जा सकती है। कैग की रिपोर्ट पेश होने से दिल्ली विधानसभा सत्र में हंगामे के आसार हैं।कहा जा रहा है कि सीएजी रिपोर्ट में ‘6 फ्लैग स्टाफ रोड’ पर स्थित सीएम आवास, जिसे शीशमहल कहा जा रहा है, उसके रिनोवेशन में गंभीर अनियमतताओं का मुद्दा उठाया गया है। इस शीशमहल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं।

शीशमहल को लेकर होगा खुलासा

पेश होने वाली सीएजी की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस शीशमहल के नवीनीकरण में नियमों का उल्लंघन हुआ है। इतना ही नहीं, ये भी आरोप हैं कि इस सीएम आवास में कैंप ऑफिस और स्टाफ ब्लॉक को भी शामिल कर लिया गया है। इसे लेकर सीएजी की रिपोर्ट में पूर्ववर्ती केजरीवाल की सरकार पर लगे आरोपों के खुलासे हो सकते हैं।

सीएजी की रिपोर्ट में सीएम आवास की मरम्मत से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं, जिसमें कथित तौर पर ऑडिट में प्रोजेक्ट की योजना, निविदा और कामकाज में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं हैं। बताया गया कि साल 2020 में यह प्रोजेक्ट 7.61 करोड़ रुपये पर मंजूर किया गया था, लेकिन अप्रैल 2022 तक इसमें 33.66 करोड़ की लागत लग गई।

कैग रिपोर्ट में शराब नीति घोटाला, जानें इन 10 प्वाइंट्स में

  • शराब नीति बनाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह ली गई थी, लेकिन उनकी सिफारिशों को माना नहीं गया। 

     

  • जिन कंपनियों की शिकायतें थीं या जो घाटे में चल रही थीं, उन्हें भी लाइसेंस दिए गए थे।
  • कैबिनेट और एलजी से कई बड़े फैसलों पर मंजूरी नहीं ली गई।
  • शराब नीति में खामियों के कारण सरकार को ₹2,026 करोड़ का नुकसान हुआ था।
  • शराब नीति के नियमों को विधानसभा में पेश भी नहीं किया गया।
  •  कोविड-19 के नाम पर ₹144 करोड़ की लाइसेंस फीस माफ कर दी गई थी।
  • सरकार ने जो लाइसेंस वापस लिए, उन्हें फिर से टेंडर प्रक्रिया के जरिए आवंटित नहीं किया, जिससे ₹890 करोड़ का नुकसान हुआ।
  • जोनल लाइसेंस धारकों को छूट देने से ₹941 करोड़ का और नुकसान हुआ।
  • सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि ठीक से ना वसूलने के कारण ₹27 करोड़ का नुकसान हुआ।
  •  शराब की दुकानें हर जगह समान रूप से नहीं बांटी गईं।

सीएम रेखा गुप्ता ने कही थी ये बात

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले से भाजपा यह आरोप लगाती रहती है कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने कैग रिपोर्ट को सामने नहीं आने दिया था। बीजेपी ने यह भी दावा किया था कि आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान बीजेपी लगातार सीएजी रिपोर्ट जारी करने की मांग कर रही थी, लेकिन इसे छुपाने के लिए जानबूझ कर ऑडिट में देरी की बात कही जा रही थी। इसे लेकर भाजपा ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था। अब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनते ही नई नवेली सीएम रेखा गुप्ता ने ऐलान किया था कि विधानसभा के पहले सत्र में ही कैग रिपोर्ट पेश की जाएगी।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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