
बोफोर्स घोटाला: CBI ने अमेरिका को भेजा पत्र, इस निजी जासूस को खोजने और पूछताछ करने को कहा;
CBI ने अमेरिका को भेजा पत्र भेजकर एक निजी जासूस को खोजने और उनसे पूछताछ करने को कहा है।
बोफोर्स घोटाला मामले से जुड़ी जांच में बड़ा अपडेट सामने आया है। भारत की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने अमेरिका को Letter of Rogatory भेजा है। CBI ने अमेरिका से जी जासूस माइकल हर्शमैन को ढूंढने और उनसे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। आइए जानते हैं कि ये मामला क्यों सामने आया है और ये निजी जासूस कौन है जिससे पूछताछ करने की बात कही जा रही है।
क्या था माइकल हर्शमैन का दावा?
दरअसल, CBI ने अमेरिका को Letter of Rogatory भेजकर निजी जासूस माइकल हर्शमैन को ढूंढने और उससे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। माइकल हर्शमैन ने एक न्यूज चैनल पर दावा किया था कि वे 64 बोफोर्स तोप घोटाले की जांच में मदद कर सकता हैं। बता दें कि भारत में बोफोर्स घोटाला 1980 के दशक के सामने आया था। इस दौरान तत्कालीन राजीव गांधी सरकार पर घोटाले के आरोप लगे थे।
इंटरव्यू को जांच का आधार बनाया गया
दिल्ली की अदालत के आदेश पर अक्टूबर 2024 में अमेरिका को पत्र रोगेटरी भेजने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसमें अमेरिकी नागरिक के टीवी इंटरव्यू को जांच का आधार बनाया गया है। आपको बता दें कि प्रशासनिक स्वीकृतियों के कारण इसे पूरा होने में 90 दिन लग सकते हैं।
अमेरिका में जांच जरूरी मानी गई
भारत के एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बोफोर्स घोटाले पर अनियमितताओं का दावा किया गया था। इन दावों की सत्यता की जांच के लिए अमेरिका में जांच जरूरी मानी गई है। दिल्ली की अदालत ने CBI के आवेदन को स्वीकार किया है। इसके बाद अमेरिका की न्यायिक प्राधिकरण को Rogatory पत्र भेजा गया है। अमेरिका से दस्तावेज, गवाहों के बयान और अन्य जरूरी सबूत जुटाने का अनुरोध किया जाएगा।








