रेखा गुप्ता का अवैध रूप से रह रहे लोगो पर प्रहार

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रेखा गुप्ता का अवैध रूप से रह रहे लोगो पर प्रहार

दिल्ली में 21000 अवैध रूप से रह रहे लोगों पर मंडरा रहा है ‘बड़ा खतरा’, रेखा गुप्ता सरकार के प्लान से कोई खुश तो किसी को है नाराज़गी …

दिल्ली में बांग्लादेशियों के खिलाफ पुलिस का अभियान तेज हो गया है. पुलिस अब तक दिल्ली में अवैध रूप से रह रहे 28 बांग्लादेशियों को पकड़ चुकी है और 3 को वापस उनके मुल्क भेज चुकी है. पर दिल्ली पुलिस की नजर अभी दिल्ली में रहने वाले 21 हजार लोगों पर है और उनके दस्तावेजों की जांच जारी है.

दिल्ली में बीजेपी की रेखा गुप्ता सरकार बनने के बाद अवैध रूप से दिल्ली में रहने वाले लोगों पर शिकंजा कसता जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने मार्च महीने में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है. इस दौरान दक्षिण, दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम दिल्ली में छापेमारी कर 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अवैध रूप से रहने वाले तीन लोगों को वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, लगभग 21,000 लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है.

पुलिस ने 6 मार्च से यह अभियान चलाया है, जिसमें दिल्ली की अलग-अलग जगहों पर जाकर टीमें बांग्लादेशियों के डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रही है. पुलिस इनके बैंक खाते और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है. संदिग्ध लोगों की जानकारी अन्य राज्यों की पुलिस टीमों को भी भेजी जा रही है ताकि उनके दस्तावेजों की पुष्टि हो सके. दक्षिण दिल्ली में सबसे ज्यादा 13 बांग्लादेशी गिरफ्तार हुए हैं. इनमें से एक मोहम्मद राजू निजामुद्दीन इलाके का हिस्ट्रीशीटर भी है. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से दो बुजुर्ग महिलाओं और दो नाबालिगों सहित 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

बांग्लादेशियों ने बनवाएं फर्जी डॉक्यूमेंट
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए ज्यादातर बांग्लादेशियों ने फर्जी दस्तावेज बनवा रखे थे. इनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी तक मिले हैं. ये लोग कबाड़ का काम, कैब चलाने और अस्पताल में काम करने जैसे काम करते पाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने स्थानीय एजेंटों और तस्करों की मदद से भारत में घुसपैठ की थी.

दक्षिण दिल्ली के कई क्षेत्रों से 13 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया गया. संयुक्त सीपी (दक्षिणी रेंज) एसके जैन ने अतिरिक्त डीसीपी अचिन गर्ग की निगरानी में टीमों का गठन किया है. मंगलवार को, कई कचरा बीनने वालों और कबाड़ कामगारों के दस्तावेजों की जांच करते समय एक टीम को हजरत निजामुद्दीन के निजाम नगर में कुछ अवैध प्रवासियों के रहने की सूचना मिली. पुलिस ने बताया कि उन्होंने मोहम्मद ज्वेल इस्लाम को गिरफ्तार किया, जिसने पहले झूठा दावा किया कि वह निजाम नगर का निवासी है, लेकिन बाद में उसने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेश से है. इसके अलावा 12 और अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को भी पकड़ा गया.

कबाड़ का काम था बांग्लादेशी नागरिक?

इनमें से एक, मोहम्मद आलमगीर, 2007 से भारत में है और कबाड़ का काम करता है. इस्लाम, जो 2007 से अपने भाई के साथ यहां रहता है और उसके पास आधार कार्ड और पैन कार्ड है. दो अन्य कैब ड्राइवर और अस्पताल के अटेंडेंट के रूप में काम करते हैं जबकि मोहम्मद राजू निजामुद्दीन में हिस्ट्री-शीटर है. पुलिस ने कहा कि इन प्रवासियों के पास बांग्लादेशी राष्ट्रीय पहचान पत्र थे और उन्होंने दिल्ली में स्थानीय संपर्कों का उपयोग करके पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज प्राप्त किए.

पुलिस ने कहा कि इन प्रवासियों ने स्थानीय एजेंटों और तस्करों की मदद से भारत-बांग्लादेश बेनापोल और हकीमपुर सीमा पार की और फिर कोलकाता और दिल्ली की यात्रा की. उन्होंने दिल्ली तक की यात्रा कई स्थानीय ट्रेनों का उपयोग करके की और विभिन्न इलाकों में बिना वैध दस्तावेजों या परमिट के रहे. पुलिस ने कहा कि उनके अवैध प्रवेश और रहने की सुविधा देने वालों का पता लगाने और गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

 

Red Max Media
Author: Red Max Media

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