
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों से जूझ रहे चुनाव आयोग ने इसे त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। आयोग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहली बार बीएलओ को भी शामिल किया गया है। आयोग ने इस दौरान बीएलओ व ईआरओ से कहा है कि वह मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की तय प्रक्रियाओं का पालन करें।
मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों से जूझ रहे चुनाव आयोग ने इसे त्रुटिरहित बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। जिसमें निर्वाचन पंजीयन अधिकारी ( ईआरओ) और बूथ लेवल अधिकारियों ( बीएलओ )को निर्देश दिया है कि वह मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों को तुरंत निपटाए। यदि इनमें किसी भी तरह शिकायत मिलती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी होगी।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएलओ भी होंगे शामिल
आयोग ने इसके साथ बीएलओ सहित चुनाव से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरूआत भी की है। आयोग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहली बार बीएलओ को भी शामिल किया गया है। वहीं इसके पहले चरण में बिहार, पश्चिम बंगाल सहित आधा दर्जन राज्यों पर फोकस किया है। आयोग ने इस दौरान बीएलओ व ईआरओ से कहा है कि वह मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की तय प्रक्रियाओं का पालन करें।
मतादाताओ की शिकायतों को किया जाएगा निपटारा
साथ ही घर-घर जाकर मतदाता सूची में दर्ज नामों को सत्यापित भी करें। इस दौरान मतदाताओं की ओर से मिलने वाली किसी भी तरह की शिकायत का मौके पर निपटारा करें। आयोग ने बीएलओ को उनकी भूमिका की समझायी है।
साथ ही उन्हें इस काम में मदद के तैयार किए गए तकनीकी एप्लीकेशन आदि के इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस दौरान राज्य सरकारों को भी निर्देश दिया है, वह ईआरओ पद के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी को तैनाती दें।
साथ ही ईआरओ से भी कहा है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अधिकारी को ही बीएलओ के रूप में तैनाती दें ,साथ ही ये कोशिश करें कि वे उसी मतदान केंद्र के निवासी हों।
Author: Red Max Media
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