पाकिस्तान के डिप्टी PM जा रहे बांग्लादेश

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार बांग्लादेश का दौरा करने वाले हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार 22 अप्रैल को बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। यह 13 वर्षों बाद किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री की पहली ढाका यात्रा होगी। अगस्त 2024 में सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही युनूस सरकार ने पाकिस्तान के साथ रक्षा व कारोबारी संबंधों को तरजीह देना शुरू कर दिया है जो पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में अमूमन हाशिये पर था।
मोम्मद युनूस की अध्यक्षता वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ता रखने वाले दोनों पड़ोसियों पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए हरमुमकिन कोशिश करने में जुटी है। मोहम्मद युनूस अभी बीजिंग की यात्रा पर हैं, जहां वह चीन सरकार को हर उस क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं जो भारत के हितों को नुकसान पहुंचाते हों। 

ऐसे में अब खबर है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक दार 22 अप्रैल को बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। यह 13 वर्षों बाद किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री की पहली ढाका यात्रा होगी। अगस्त, 2024 में सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही युनूस सरकार ने पाकिस्तान के साथ रक्षा व कारोबारी संबंधों को तरजीह देना शुरू कर दिया है जो पूर्व पीएम शेख हसीना के कार्यकाल में अमूमन हाशिये पर था। 

पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सीधी उड़ान सेवा होगा शुरू

पाकिस्तान और बांग्लादेश की कुछ प्रतिष्ठित मीडिया में यह सूचना दी गई है कि दार की यात्रा की तिथि तय है। अंतरिम सरकार के गठन के बाद किसी प्रमुख देश के विदेश मंत्री की यह पहली बांग्लादेश यात्रा होगी। बताया गया है कि इसका एजेंडा भी व्यापक है। दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की तैयारी है। इसमें सीधी उड़ान सेवा की शुरुआत करने और पाकिस्तान की तरफ से बांग्लादेश को मदद दिए जाने को लेकर कुछ समझौते भी शामिल हैं।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री की इस यात्रा की सूचना तब आई है जब पीएम मोहम्मत युनूस चीन की सरकार और वहां की कंपनियों को बांग्लादेश में निवेश करने के लिए “रेड कार्पेट” बिछाने की बात कर रहे हैं। 

पाकिस्तान विदेश मंत्री की यात्रा पर भारत की रहेगी नजर 

पिछले शुक्रवार को राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बातचीत में प्रोफेसर युनूस ने चीन को चट्टोग्राम में विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने के लिए आमंत्रित किया है। भारत की नजर ना सिर्फ मोहम्मद युनूस की बीजिंग यात्रा पर है बल्कि पाकिस्तान विदेश मंत्री की आगामी ढाका यात्रा को लेकर भी भारत सतर्क रहेगा। सत्ता में काबिज होने के साथ ही युनूस सरकार ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) को हवा देनी शुरू कर दी है।

बहुत संभव है कि दार की यात्रा के बाद दोनों देशों की तरफ से सार्क की बैठक फिर से आयोजित कराने का आह्वान किया जाए। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को लेकर भी विमर्श चल रहा है। पिछले तीन महीनों के दौरान दोनों देशों की सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी एक दूसरे देश का दौरा कर चुके हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ का भी एक दल ढाका का दौरा कर चुका है। 

यहां बताते चलें कि पूर्व पीएम शेख हसीना की सरकार से पहले खालिदा जिया की सरकार के कार्यकाल में ढाका भारत विरोधी गतिविधियों का केंद्र बन गया था। आइएसआइ ने वहां की सरकार के साथ मिल कर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में आतंकवादी गतिविधियों को चलाने वाले संगठनों को पनाह दिया हुआ था। इनका खात्मा बाद में शेख हसीना की सरकार के कार्यकाल में संभव हुआ था।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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