
राजस्थान के कोटा में तैयारी कर रहे एक और छात्र ने आत्महत्या कर ली है। छात्र यहां जेईई की तैयारी कर रहा था। इस साल छात्रों की आत्महत्या का यह दसवां मामला है।
राजस्थान के कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे एक छात्र ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सोमवार को बताया कि वह दो अप्रैल को जेईई-मेन की परीक्षा में शामिल होने वाला था। जनवरी के बाद से कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा संदिग्ध आत्महत्या का यह दसवां मामला है। पुलिस उपाधीक्षक (जीआरपी-कोटा) शंकर लाल ने बताया कि कानपुर के मूल निवासी उज्ज्वल मिश्रा को लखनऊ जाना था, जहां उसे इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा देने के लिए केंद्र आवंटित किया गया था। पुलिस ने बताया कि उसके पिता दीपक कुमार मिश्रा उसे और उसके सामान को वापस उत्तर प्रदेश ले जाने के लिए सोमवार को कोटा पहुंचने वाले थे।
ट्रेन के सामने लेटकर की आत्महत्या
पुलिस ने बताया कि उज्ज्वल यहां एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर इलाके में एक हॉस्टल में रहता था। डीएसपी ने बताया कि रविवार को लड़का शाम करीब साढ़े छह बजे अपने हॉस्टल के कमरे से निकला और कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचा। लोको पायलट के अनुसार जब लड़के ने ट्रेन को आते देखा तो वह पटरियों पर लेट गया और शाम करीब सात बजे ट्रेन के नीचे आ गया। पायलट ने घटना के बारे में तुरंत राजकीय रेलवे पुलिस को सूचित किया और कहा कि वह तेज गति के कारण समय पर ट्रेन को रोकने में असमर्थ था। लड़के के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
परीक्षा के लिए नहीं था तैयार
वहीं अपने बेटे का शव लेने के बाद शवगृह के बाहर मौजूद पिता ने कहा कि उज्ज्वल एक औसत छात्र था। उसने कभी नहीं बताया कि वह परेशानी में है और न ही उसने किसी तरह की परेशानी दिखाई। डीएसपी ने बताया कि रविवार शाम को उज्ज्वल ने अपने सहपाठी (जो उसके सामने वाले छात्रावास में रहता है) से बात की और बताया कि वह दो अप्रैल की परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। पुलिस ने बताया कि सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव पिता को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है।
अब तक 10 ने किया सुसाइड
बता दें कि कोटा में हर साल हजारों छात्र विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। कोचिंग हब के रूप में मशहूर कोटा में इस साल छात्रों द्वारा की गई आत्महत्या की यह दसवीं घटना है। अकेले जनवरी में ही छह कोचिंग छात्रों (पांच जेईई और एक नीट अभ्यर्थी) ने आत्महत्या कर ली। इसके अलावा पिछले साल 2024 में कोटा में 17 कोचिंग छात्रों की आत्महत्या से मौतें हुई थीं। वहीं 2023 में यह संख्या 26 थी।








