लेह -लद्दाख में आया जोरदार भूकंप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लेह -लद्दाख में आया जोरदार भूकंप

लेह, लद्दाख में मंगलवार शाम 5:38 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस भूकंप के बारे में जानकारी दी है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई।

म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। इस बीच भारत में भी भूकंप की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। वहीं मंगलवार शाम 5:38 बजे लेह, लद्दाख में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस भूकंप के बारे में जानकारी दी है। वहीं भूकंप की वजह से लोग अपने घरों से बाहर निकल गए। हालांकि इस भूकंप में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

अरुणाचल प्रदेश में भूकंप 

बता दें कि इससे पहले सोमवार को अरुणाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। दोपहर दो बजकर 38 मिनट पर लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। रिएक्टल स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 3.5 आंकी गई। हालांकि, इस भूकंप से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन म्यांमार में भूकंप से आई तबाही के बाद पूरी दुनिया में लोगों के अंदर भूकंप को लेकर डर भरा हुआ है। भूकंप का केंद्र अरुणाचल प्रदेश की शी योमी में धरती की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था। भूकंप का केंद्र भारत और चीन की सीमा के बेहद करीब था और इसकी तीव्रता भी काफी कम थी। इस वजह से काफी कम नुकसान हुआ है।

क्यों आते हैं भूकंप?

हाल के दिनों में देश-दुनिया के कई इलाकों में भूकंप की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं। इसका सबसे ज्यादा नुकसान आम जनजीवन को उठाना पड़ता है। भूकंप से मकानें गिर जाती हैं, जिसमें दबकर हजारों लोगों की मौत हो जाती है।

भारत में क्या हैं भूकंप के जोन

भूगर्भ विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के कुल भूभाग के लगभग 59 फीसदी हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। वैज्ञानिकों ने भारत में भूकंप क्षेत्र को जोन-2, जोन-3, जोन-4 व जोन-5 यानी  4 भागों में विभाजित किया है। जोन-5 के इलाकों को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है, जबकि जोन-2 कम संवेदनशील माना जाता है। हमारे देश की राजधानी दिल्ली भूकंप के जोन-4 में आती है। यहां 7 से अधिक तीव्रता के भी भूकंप आ सकते हैं जिससे बड़ी तबाही हो सकती है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें