नागपुर में चैराहों पर लग रहे है ग्रीन नेट

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नागपुर में चैराहों पर लग रहे है ग्रीन नेट

हीट स्ट्रोक से बचने के लिए इस शहर के चौराहों पर लगाए जा रहे ग्रीन नेट, मिलेगी बड़ी राहत;

आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि रेड लाइट सिग्नल पर लगभग एक से सवा मिनट तक लोगों को सिग्नल पर रुकना पड़ता है। भीषण गर्मी में लोगों के लिए चौराहों पर इस तरह से रुकना काफी मुश्किल होता है।

देश के कई हिस्से इन दिनों भयंकर गर्मी झेल रहे हैं। नागपुर सहित पूरे विदर्भ में तापमान में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो गई है। ऐसा लगता है कि दिन में सूरज आग उगल रहा है। लोगों को सूरज की तपिश से बचने के लिए नागपुर महानगरपालिका ने शहर के चौराहों पर ग्रीन नेट लगाने की एक पहल शुरू की है। प्रायोगिक तौर पर शुरू में 9 चौराहों पर ग्रीन नेट लगाया जाएगा। इससे टू व्हीलर चालकों को चौराहों पर या रेड लाइट सिग्नल पर हीट वेव का सामना न करना पड़े।

विदर्भ में पारा 42 पार पहुंचा

यातायात विभाग को तत्काल प्रायोगिक तौर पर रिजर्व बैंक चौराहे पर ग्रीन शेड लगाने का निर्देश जारी किया गया था। निर्देश जारी होते ही रिजर्व बैंक चौराहे पर तुरंत ग्रीन शेड लगा दिया गया। अन्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद ग्रीन शेड लगाए जाएंगे। नागपुर सहित विदर्भ के अधिकांश जिलों का पारा 42 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है।

गर्मी के चलते रेड सिग्नल पर रुकना नहीं चाहते लोग

आमतौर पर ऐसा देखा जाता है कि रेड लाइट सिग्नल पर लगभग एक से सवा मिनट तक लोगों को सिग्नल पर रुकना पड़ता है। उस दौरान लोगों को भीषण गर्मी में चौराहों पर रुकना पड़ता है जिससे राहत पाने के लिए महानगरपालिका ने यह उपाय निकाला है। इससे सिग्नल जंप के मामलों में भी कमी आएगी साथ ही लोगों को हीट वेव से भी बचाया जा सकता है। आमतौर पर भीषण गर्मी में लोग रेड सिग्नल होने पर भी रुकना नहीं चाहते हैं।

नागपुर के नागरिकों ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि शहर के हर चौराहों पर इस तरह का उपक्रम शुरू करना चाहिए, क्योंकि नागपुर का पारा जून में 46/47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।

लगातार बदल रहा है नागपुर और विदर्भ का मौसम

बता दें कि नागपुर और विदर्भ क्षेत्र में मौसम का बदलता मिजाज लगातार जारी है। कभी तेज गर्मी तो कभी बारिश होती है।  नागपुर क्षेत्रीय मौसम विभाग ने अगले एक से दो दिनों में विदर्भ के कुछ हिस्सों में बेमौसम बारिश की भविष्यवाणी की है। इससे किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।  विदर्भ में वर्तमान में एक ट्रफ (ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण) और चक्रवाती हवाएँ सक्रिय हैं। ये मौसम प्रणालियाँ बंगाल की खाड़ी से नमी खींच रही हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना बढ़ गई है। कुछ जिलों में गरज, बिजली और तेज़ हवाएं चलने की भी संभावना है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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