
हिमाचल प्रदेश सरकार ने बसों का न्यूनतम किराया बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया है जो पहले 5 रुपये था। यह किराया 0 से 4 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए तय किया गया है। सरकार ने एचआरटीसी की सिफारिश के बाद यह निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्रों में इसका सबसे ज्यादा असर होगा खासकर शिमला में जहां छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक भुगतान करना होगा।
एचआरटीसी ने न्यूनतम किराया बढ़ाने की सिफारिश की थी
यह विकल्प भी नहीं माना
एचआरटीसी ने सरकार को प्रस्ताव दिया था कि 2 किलोमीटर तक का किराया 5 रुपये व 4 किलोमीटर तक का किराया 10 रुपये करने का प्रस्ताव दिया था यह प्रस्ताव भी नहीं माना गया। अब न्यूनतम किराया एक समान 10 रुपये किया गया है।
जयराम सरकार ने पहले 7 रुपये किया फिर घटाकर 5 रुपये किया
प्रदेश में पहले न्यूनतम किराया नहीं था। प्रति किमी दर से ही किराया वसूला जाता था। दो दशक पहले ही न्यूनतम किराया लेने का नियम बनाया गया। पहले 1 रुपए न्यूनतम किराया किया गया। उसके बाद इसे बढ़ाकर 3 रुपए, फिर पांच रुपए किया गया। पूर्व जयराम सरकार में इसे 7 रुपए किया गया था। लेकिन बाद में इसे दोबारा कम करके 5 रुपए किया गया। अब सरकार ने इसे दस रुपए कर दिया है।
शहरी क्षेत्रों में ज्यादा असर
सरकार के इस निर्णय का शहरी क्षेत्रों में ज्यादा असर पड़ेगा। सबसे ज्यादा शिमला शहर में ज्यादा भार पड़ेगा। यहां सबसे ज्यादा सवारियां छोटे स्टेशन की होती। न्यूतम किराया सभी के लिए एक समान होता है। सरकारी महिला कर्मचारियों को भी अब 10 रुपये न्यूनतम किराया देना पड़ेगा।








