तमिलनाडु के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल

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तमिल नाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन

तमिलनाडु सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया गया है। सीएम एमके स्टालिन ने विद्युत, निषेध और उत्पाद शुल्क मंत्री वी सेंथिलबालाजी और वन एवं खादी मंत्री डॉ. के. पोनमुडी के इस्तीफे के बाद राज्य मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की सिफारिश की है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने विद्युत, निषेद और उत्पाद शुल्क मंत्री वी सेंथिलबालाजी और वन एवं खादी मंत्री डॉ. के. पोनमुडी के इस्तीफे के बाद राज्य मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की सिफारिश की है और इसे राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। एसएस शिवशंकर को अतिरिक्त रूप से विद्युत विभाग सौंपा गया है। एस मुथुसामी को निषेध और उत्पाद शुल्क का जिम्मा दिया गया है। वहीं आरएस राजकन्नप्पन अब वन और खादी की देखरेख करेंगे और उन्हें वन और खादी मंत्री नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पद्मनाभपुरम विधानसभा क्षेत्र से विधायक टी मनो थंगराज को मंत्रिमंडल में शामिल करने की सिफारिश की है। बता दें कि 28 अप्रैल को चेन्नई स्थित राजभवन में नए मंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा।

ईडी की जांच का सामना कर रहे सेंथिल बालाजी

बता दें कि पोनमुडी ने एम के स्टालिन की प्रदेश सरकार से इस्तीफा दे दिया है और राज्यपाल ने इसे स्वीकार कर लिया है। राजभवन द्वारा रविवार को इस जानकारी को साझा किया गया। राजभवन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने सीएम एमके स्टालिन के सिफारिश को मंजूरी दी है। बता दें कि राज्य सरकार के मंत्री सेंथिल बालाजी प्रवर्तन निदेशालय की जांच का सामना कर रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ‘पद और स्वतंत्रता के बीच’ उन्हें चुनाव करने को कहा था। साथ ही कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अगर सेंथिल बालाजी मंत्री पद से इस्तीफा नदीं देते तो उनकी जमानत रद्द कर दी जाएगी।

शैव-वैष्णव को लेकेर पोनमुडी ने दिया था विवादित बयान

वहीं पोनमुडी ने हाल में शैव-वैष्णव को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया था। उनके इस बयान की खूब आलोचना हुई थी। इसके अलावा यह मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की थी। हालांकि उन्हें पार्टी के एक प्रमुख पद से हटा दिया गया था, लेकिन विपक्षी दलों और अन्य हलकों से उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने की लगातार मांग की जा रही थी। बता दें कि अब परिवहन मंत्री एसएस शिवशंकर को बिजली विभाग दे दिया गया है, जो सेंथिल बालाजी के पास था। वहीं आवास मंत्री एस मुथुसामी को आबकारी और निषेध विभाग दिया गया है, जो सेंथिल बालाजी के पास था।

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Author: Red Max Media

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