प्रेस ब्रीफिंग में सेना ने बताई अंदर की बात,

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जैश और हिजबुल के कई आतंकी ठिकाने तबाह।
ऑपरेशन सिंदूर पर सेना की प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि कैसे पहलगाम हमले का बदला लिया गया। विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि भारत ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया और पीओके में आतंकी ठिकानों को तबाह किया। जानिए कब और कहां सेना ने आतंकियों को सबक सिखाया।
पहलगाम हमले के 15 दिनों के अंदर ही भारतीय सेना ने इसका बदला सूत समेत ले लिया है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया है। आतंकी हमले के बाद बीती रात भारतीय सेना ने पाक को कड़ा सबक सिखाया है। POK में जैश और हिजबुल के आतंकी शिविरों पर सेना ने हमला किया। 

Operation Sindoor के नाम से सेना द्वारा चलाए गए इस अभियान के बारे में प्रेस ब्रीफिंग विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री के साथ विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी ने पूरी जानकारी दी। 

ये हमला जरूरी था, भारत ने अपने अधिकार का इस्तेमाल किया

  • प्रेस ब्रीफिंग की शुरुआत करते हुए विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने कहा कि आप सभी जानते हैं कि जम्‍मू-कश्‍मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को लश्कर से संबंधित पाकिस्तानी और पाकिस्तान प्रशिक्षित आतंकवादियों ने भारतीय पर्यटकों पर हमला किया। आतंकियों ने 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की हत्‍या कर दी। देश में 26/11 के बाद यह आतंक की सबसे बड़ी घटना है।
  • विदेश सचिव मिस्री ने आगे कहा कि इसी के चलते भारत ने अपने अधिकार का उपयोग किया है और आतंकियों का सफाया किया गया है।
  • विदेश सचिव ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले से देश में आक्रोश है। भारत सरकार ने पाकिस्तान के संबंधों को लेकर कुछ कड़े कदम उठाए। पहलगाम आतंकी हमले के अपराधियों को और साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाना बेहद जरूरी था।
  • पाकिस्‍तान पल्‍ला झाड़ने और आरोप लगाने में ही व्‍यस्‍त रहा है। पाकिस्‍तान स्थित आतंकी ठिकानों के बारे में हमें सूचना मिली कि आतंकी और हमले कर सकते हैं, ऐसे में इन्‍हें रोकना जरूरी था।

 

जम्‍मू-कश्‍मीर को पिछड़ा बनाए चाहता है पाकः विदेश सचिव

विदेश सचिव मिस्री ने आगे कहा कि पहलगाम आतंकी हमला बेहद कायरतापूर्ण था। हमले में परिवार के सामने लोगों की हत्‍या की गई है। इतना ही नहीं, आतंकियों ने लोगों से कहा कि इस हमले की जानकारी अपनी सरकार को दें। यह आतंकी हमला जम्मू-कश्मीर की अच्छी स्थिति और शांति को प्रभावित करने के लिए किया गया था। जम्‍मू-कश्‍मीर में पिछले साल सवा दो करोड़ से टूरिस्‍ट कश्मीर आए थे। पाकिस्‍तान की ओर किए गए इस आतंकी हमले का मकसद विकास और प्रगति को नुकसान पहुंचाकर जम्‍मू-कश्‍मीर को पिछड़ा बनाए रखना था।

 

 

लश्कर के ट्रेनिंग सेंटर पर हमलाः कर्नल सोफिया कुरैशी

सेना की ब्रिफिंग से इसके बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 6 और 7 मई की रात को कैसे भारतीय सेना ने जैश और हिजबुल के ठिकानों को तबाह किया।

 

सोफिया और व्‍योमिका ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) में सबसे पहला हमला सवाई नाला मुजफ्फराबाद में लश्कर के ट्रेनिंग सेंटर पर किया गया था। सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम हमले के आतंकियों ने यहीं ट्रेनिंग ली थी। उन्होंने कहा कि सेना ने इसी ट्रेनिंग सेंटर को तबाह किया।

 

 

 

 

फोटो- कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह

 

रात में कब किया गया हमला?

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि ये हमला करना जरूरी था। रात 1:03 बजे और 1:30 बजे के बीच ऑपरेशन सिंदूर किया गया। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए भारतीय पर्यटकों के परिजनों को न्‍याय देने के लिए यह ऑपरेशन हुआ।

 

कर्नल सोफिया ने कहा कि पाकिस्तान में तीन दशकों से आतंकवादियों का निर्माण हो रहा है। पाकिस्तान और पीओके में नौ टारगेट पहचाने गए थे और इन्हें हमने तबाह कर दिया। लॉन्चपैड और ट्रेनिंग सेंटर्स टारगेट किए गए।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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