
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने जहां मछुआरों के लिए आवश्यक दिशा निर्देंश जारी किए हैं वहीं तटीय राज्य गुजरात में भी सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए ड्रोन और पटाखों के उपयोग पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।
तटीय निगरानी को बढ़ाने के निर्देश
एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि अधिकांश मछली पकड़ने वाली नौकाएं ट्रांसपोंडर्स से लैस हों, ताकि उन्हें ट्रैक किया जा सके।
पालघर तट के पास दो स्थानों की पहचान की
मुंबई पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकियों ने एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नौका का अपहरण कर सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए देश के जलक्षेत्र में प्रवेश कर लिया था। आज भी पालघर जिले की कई मछली पकड़ने वाली नौकाएं पाकिस्तान के कब्जे में हैं। इन्हें पाकिस्तान के जलक्षेत्र में प्रवेश करने के लिए जब्त किया गया था। ऐसी नौकाओं का पाकिस्तान दुरुपयोग कर सकता है।
मछुआरों को संदिग्ध नाव देखने पर तुरंत सूचना के आदेश
गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इस महीने की 15 तारीख तक किसी भी समारोह या कार्यक्रम में पटाखे फोड़ने या ड्रोन की उड़ाने की अनुमति नहीं होगी। कृपया सहयोग करें और दिशा निर्देशों का पालन करें। इससे पहले संघवी ने गांधीनगर में वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से राज्य पुलिस अधिकारियों के साथ एक बैठक की।
कुछ इंटरनेट मीडिया यूजर्स के खिलाफ कार्रवाई
बैठक के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में कुछ इंटरनेट मीडिया यूजर्स के खिलाफ राष्ट्र विरोधी भावनाएं फैलाने और सेना के मनोबल को कमजोर करने के लिए चार एफआइआर दर्ज की है। इस बीच राज्य के सीमावर्ती जिलों कच्छ और बनासकांठा के कई हिस्सों में सात घंटे से अधिक समय तक ब्लैकआउट रहा।








