पोप लियो 14वें ने गाजा पर दिया पहला बड़ा बयान

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पोप लियो

पोप लियो 14वें ने गाजा में मानवीय पहल को आगे बढ़ाने व युद्ध में शांति का आह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी मध्यस्थता करने की बात कही है।

यूरोप के इतिहास में पहली बार पोप बने अमेरिकी नागरिक पोप लियो 14वें ने बुधवार को वेटिकन सिटी स्थित प्रसिद्ध सेंट पीटर्स स्क्वायर में गाजा युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। पोप ने अपनी पहली साप्ताहिक जनरल ऑडियंस (आम सभा) की अध्यक्षता के अवसर पर गाजा पट्टी में मानवीय सहायता के तत्काल प्रवेश और वहां चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिल से अपील की है।

पोप लियो 14वें ने इस दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “मैं गाजा में सम्मानजनक मानवीय सहायता की अनुमति देने और शत्रुता को समाप्त करने की अपनी अपील दोहराता हूं, जिसकी कीमत बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को चुकानी पड़ रही है। यह हृदयविदारक है।”

40,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति, शांति की पुकार

वेटिकन के अनुसार, इस पहली आम सभा में करीब 40,000 लोग उपस्थित थे। वहीं, पोप लियो 14वें के हाल ही में हुए उद्घाटन समारोह में लगभग 2 लाख श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था। पोप ने सभा की शुरुआत अपने सर्वाधिक चर्चित संदेश “शांति आपके साथ हो” (Peace be with you) के साथ की। पोप लियो 14वें के नाम से जाने जाने वाले शिकागो के पूर्व कार्डिनल रॉबर्ट प्रीवोस्ट ने सभा के दौरान विभिन्न देशों से आए तीर्थयात्रियों का विशेष रूप से स्वागत किया और बच्चों को आशीर्वाद दिया।

युद्धविराम वार्ता को लेकर वेटिकन की सक्रियता

पोप लियो 14वें ने मंगलवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच युद्धविराम वार्ता के अगले चरण की मेजबानी करने की वेटिकन की इच्छा दोहराई। इसके साथ ही गाजा में भी मानवीयता और शांति के प्रयासों की वकालत की।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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