पोप 14वें अब नहीं रह पाएंगे अमेरिकी नागरिक

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रॉबर्ट प्रीवोस्ट पोप

वर्ष 1980 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार यूएस की नागरिकता केवल उसी स्थिति में छीनी जा सकती है जब कोई व्यक्ति जानबूझकर उसे छोड़ना चाहता हो।

इतिहास में पहली बार एक अमेरिकी नागरिक को कैथोलिक चर्च का सर्वोच्च नेता चुना गया है। शिकागो में जन्मे रॉबर्ट प्रीवोस्ट जो अब पोप लियो 14वें के नाम से जाने जाएंगे, को हाल ही में पोप चुना गया है। इस नियुक्ति ने केवल धार्मिक नहीं, बल्कि कानूनी और नागरिकता से जुड़े कई जटिल सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल उठ रहा है कि अब भी क्या वह अमेरिकी नागरिक रह पाएंगे। आइये बताते हैं कि इस सवाल के उठने की वजह क्या है।

यूएस पोप और अमेरिकी नागरिकता

बता दें कि पोप लियो 14वें न केवल कैथोलिक चर्च के आध्यात्मिक प्रमुख हैं, बल्कि दुनिया के सबसे छोटे स्वतंत्र राष्ट्र वह वेटिकन सिटी के सरकारी प्रमुख (हेड ऑफ स्टेट) भी बन गए हैं। उन्होंने पिछले एक दशक में अमेरिका और पेरू दोनों की नागरिकता हासिल की थी। पेरू में वे एक मिशनरी और फिर बिशप के तौर पर कार्यरत रहे।

क्या अमेरिकी कानून इसकी अनुमति देता है?

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार अगर कोई अमेरिकी नागरिक विदेशी सरकार के प्रमुख या विदेश मंत्री के रूप में काम करता है, तो उसकी नागरिकता की समीक्षा की जा सकती है। हालांकि यह नागरिकता अपने आप नहीं जाती। वहीं नागरिकता कानून विशेषज्ञ पीटर स्पिरो का मानना है कि “जब तक कोई अमेरिकी नागरिक अपनी नागरिकता को त्यागने की स्पष्ट और जानबूझकर घोषणा नहीं करता, तब तक नागरिकता छीनी नहीं जा सकती। वहीं पेरू के नागरिकता विभाग के अधिकारी जॉर्ज पुच ने पुष्टि की कि पोप लियो XIV की पेरू की नागरिकता पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”

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Author: Red Max Media

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