विमल नेगी केस में हिमाचल सरकार की बड़ी कार्रवाई

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मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू

हिमाचल सरकार ने पुलिस विभाग में भी तात्कालिक बदलाव किए हैं। विजिलेंस के डीजी अशोक तिवारी को अब हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।

विमल नेगी मौत मामले में अनुशासनहीनता के आरोपी अधिकारियों पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने अनुशासनहीनता और लापरवाही के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अतुल वर्मा, शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) संजीव गांधी और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ओंकार चंद शर्मा को छुट्टी पर भेज दिया है। हिमाचल प्रदेश में चीफ इंजीनियर विमल नेगी की संदिग्ध मौत के बाद उठे सवालों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच सुक्खू सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है।

ओंकार चंद शर्मा से सभी विभागों के चार्ज वापस लिए गए

इस कार्रवाई के साथ ही सरकार ने ओंकार शर्मा से सभी विभागों की जिम्मेदारी भी वापस ले ली है। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केके पंत को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के साथ-साथ राजस्व और अन्य प्रमुख विभागों का प्रभार सौंपा गया है। सरकार द्वारा उनका कद स्पष्ट रूप से बढ़ाया गया है।

अशोक तिवारी को मिला अतिरिक्त डीजीपी का कार्यभार

सरकार ने पुलिस विभाग में भी तात्कालिक बदलाव किए हैं। विजिलेंस के डीजी अशोक तिवारी को अब हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। वहीं सोलन के एसपी गौरव सिंह को शिमला का एसपी बनाया गया है। इन नियुक्तियों को सरकार ने अंतरिम व्यवस्था बताया है, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से चल सके।

बता दें कि हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीपीसीएल) के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत की जांच सीबीआई कर रही है। इससे पहले इसकी जांच एसआईटी कर रही थी। सीबीआई ने BNS 2023 की धारा 108 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। हाई कोर्ट ने 23 मई को मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। नेगी की पत्नी ने मामले की शिकायत पुलिस में की थी। कोर्ट ने मामले की जांच के एसआईटी गठित की है, जिसमें हिमाचल प्रदेश के अफसर शामिल नहीं होगें।

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Author: Red Max Media

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