
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 2 दिन के दौरे में कई विकास परियोजनाएं शुरू करेंगे। उन्होंने बिहारवासियों के लिए इस दिन को खास बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार से अगले 2 दिन तक 4 राज्यों के दौरे पर रहने वाले थे लेकिन सिक्किम का दौरा खराब मौसम की वजह से रद्द हो गया। अब प्रधानमंत्री पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश का दौरा करेंगे। सिक्किम के कार्यक्रम में उन्होंने अपनी उपस्थिति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दर्ज कराई। अपनी इस यात्रा के दौरान वह कई विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। यात्रा की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन बिहार के लोगों के लिए बेहद खास रहने वाला है। PM मोदी के इस धुआंधार दौरे से जुड़े हर बड़े अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें:
‘भाजपा सरकार ने हजारों-करोड़ का निवेश किया है’
अलीपुरद्वार में पीएम मोदी ने कहा, ‘केंद्र की भाजपा सरकार इसी संकल्प के साथ काम कर रही है। भाजपा पूर्वोदय की नीति पर चल रही है। बीते दशक में यहां के विकास के लिए भाजपा सरकार ने हजारों-करोड़ का निवेश किया है। आज पश्चिम बंगाल एक साथ कई संकटों से घिरा हुआ है। एक संकट समाज में फैली हिंसा और अराजकता का है। दूसरा संकट माताओं बहनों को असुरक्षा का है, उनके साथ हो रहे जघन्य अपराधों का है। तीसरा संकट नौजवानों में फैल रही घोर निराशा का है, बेतहाशा बेरोजगारी का है। चौथा संकट घनघोर ‘करप्शन’ का है, यहां के सिस्टम पर लगातार कम होते जन-विश्वास का है। पांचवां संकट गरीबों का हक छिनने वाली सत्ताधारी पार्टी की स्वार्थी राजनीति का है।’
‘बंगाल को अपनी पुरानी भूमिका में आना होगा’
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में पीएम मोदी ने कहा, ‘बंगाल को फिर उसी भूमिका में आना होगा, जो कभी यहां की पहचान थी। इसके लिए जरूरी है कि पश्चिम बंगाल फिर से नॉलेज का, ज्ञान-विज्ञान का केंद्र बनें। बंगाल ‘मेक इन इंडिया’ का एक बहुत बड़ा सेंटर बने। बंगाल अपनी विरासत पर गर्व करते हुए, उसे संरक्षित करते हुए तेज गति से आगे बढ़े।’
‘भारत नए सामर्थ्य के साथ समृद्धि की नई गाथा लिख रहा’
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ’21वीं सदी में भारत नए सामर्थ्य के साथ समृद्धि की नई गाथा लिख रहा है। आज देश का हर नागरिक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए दिनरात जुटा है। विकसित भारत बनाने के लिए पश्चिम बंगाल का भी विकसित होना बहुत जरूरी है। इसलिए पश्चिम बंगाल को भी नई ऊर्जा के साथ जुटना है। ‘








