
झारखंड सरकार हर पंचायत में मॉडल तालाब बनाएगी ताकि मछली पालन को बढ़ावा मिल सके। मत्स्य महोत्सव में कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार का लक्ष्य है। इसके लिए तालाबों की संख्या बढ़ाई जाएगी और मछली के बीज पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार ब्लॉक चेन तकनीक का उपयोग करेगी ताकि किसानों को आसानी से जानकारी मिल सके।
झारखंड में सरकार की ओर से हर पंचायत में मत्स्य पालन के लिए मॉडल तालाब का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश के सभी डैम में केज कल्चर पद्धति के जरिये मत्स्य पालन होगा।
विभाग का उद्देश्य नीली क्रांति की दौड़ में आंध्रप्रदेश से भी आगे निकलना है। अगले पांच साल में प्रति हेक्टेयर 10 मीट्रिक टन मछली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में प्रति हेक्टेयर तीन मीट्रिक टन ही मछली का उत्पादन हो रहा है।
गुरुवार को खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में झारखंड मत्स्य महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कृषि एवं पशुपालन मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने उक्त बातें कही। मंत्री ने कहा कि विभाग मत्स्य पालन से जुड़े किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सबल बनाना चाहता है।
इसके लिए राज्य में तालाबों की संख्या बढ़ानी होगी और राज्य में विलुप्त हो रहे तालाबों को पुनर्जीवित करना होगा। राज्य के डीसी ऐसे तालाबों की सूची उपलब्ध कराएंगे।
मंत्री ने कहा कि मछली के सीड और फीड पर बहुत काम करने की जरूरत है। राज्य में 80 के करीब मछली फार्म है, जिन्हें मछली बीज के रूप में विकसित किया जा सकता है। इनका संचालन पीपीपी मोड पर भी किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि ब्लाक चेन तकनीक के माध्यम से बीज के वितरण से लेकर मत्स्य पालन से जुड़ी हर जानकारी मत्स्य पालक बहुत आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इससे विभाग को भी लाभुक को ट्रेस करने में मदद मिलेगी।
कृषि सचिव अबु बक्कर सिद्दीक ने कहा कि अभी राज्य में साढ़े तीन लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। विभाग ने अब उत्पादन बढ़ाने के लिए नई शुरुआत की है। किसानों को मत्स्य पालन के लिए सही तरीके से गाइड करने के लिए जरूरत है। किसानों के फीडबैक के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस मौके पर 75 मत्स्यजीवी सहयोग समितियों के बीच दो-दो लाख की अनुदान राशि का वितरण किया गया। साथ ही अनुकंपा के आधार पर निम्नवर्गीय लिपिक पद पर श्रेया को नियुक्ति पत्र दिया गया।
कार्यक्रम में कांके विधायक सुरेश बैठा, विभाग के विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, नयन तारा करकेट्टा, प्रदीप कुमार हजारी, मत्स्य निदेशक डॉ. एचएन द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
लगाई गई विभिन्न प्रजातियों की प्रदर्शनी
एक दिवसीय मत्स्य महोत्सव में कुल 24 स्टाल लगाए गए थे, जिनमें मछली की अलग-अलग तरह की प्रजातियों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। प्रदर्शनी में लोगों की काफी भीड़ देखी गई।








