‘ऑपरेशन चेयुथा’ के तहत17 माओवादियों ने किया सरेंडर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

‘ऑपरेशन चेयुथा’ के तहत 17 माओवादियों ने किया सरेंडर

छत्तीसगढ़ के 17 माओवादियों ने शुक्रवार तेलंगाना के भद्राद्री कोथागुडेम में आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने नक्सलवाद छोड़ने और अपने परिवारों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने की इच्छा व्यक्त की।

तेलंगाना में शुक्रवार को 17 माओवादियों ने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को भद्राद्री कोठागुडेम जिले के पुलिस अधीक्षक के समक्ष विभिन्न रैंकों के 17 सीपीआई (माओवादी) ने आत्मसमर्पण किया। भद्राद्री कोथागुडेम के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहित राज ने मीडिया को बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 11 पुरुषों और छह महिलाओं में से दो एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) के रूप में कार्यरत थे। एसपी ने कहा कि माओवादियों ने तेलंगाना सरकार द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन चेयुथा कार्यक्रम के तहत आत्मसमर्पण किया है।

पुलिस ने माओवादियों को दिए 25-25 हजार रुपये

माओवादियों ने नक्सलवाद छोड़ने और अपने परिवारों के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीने का निर्णय व्यक्त किया। सरेंडर करने वालों को पुलिस ने तत्काल सहायता के रूप में 25,000 रुपये के चेक प्रदान किये। साथ ही सरकार की तरफ से संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

जनवरी से अब तक 282 माओवादी कर चुके हैं सरेंडर

बता दें कि जनवरी 2025 से अब तक 282 माओवादियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। 9 मई को भी प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) पार्टी से जुड़े 38 सदस्यों ने भद्राद्री-कोठागुडेम पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए। समूह में दो पार्टी सदस्य, 16 मिलिशिया सदस्य, सात ग्राम समिति सदस्य (वीसीएम), 6 क्रांतिकारी आदिवासी महिला संगठन (केएएमएस) सदस्य, 3 चेतना नाट्य मंच (सीएनएम) सदस्य और 4 गुरिल्ला क्रांतिकारी जिला (जीआरडी) सदस्य शामिल थे।

पुलिस ने लोगों से की ये अपील

पुलिस की तरफ से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, वर्तमान में भाकपा (माओवादी) तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमावर्ती क्षेत्रों में ही सक्रिय है। सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों को किसी भी कीमत पर प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए। अगर ग्रामीणों को अपने क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की माओवादी गतिविधि दिखाई देती है, तो उन्हें तुरंत निकटतम थानों या अधिकारियों को सूचित करना चाहिए।

क्या है ऑपरेशन चेयुथा 

बता दें कि तेलंगाना पुलिस ऑपरेशन चेयुथा के माध्यम से माओवादियों और उनके परिजनों को आवश्यक सहायता प्रदान करती है। साथ ही माओवादियों को नगद इनाम भी दिए जाते हैं। साथ ही सरकार की तरफ से कल्याणकारी योजनाओं का भी लाभ दिया जाता है। ऑपरेशन चेयुथा का मकसद यह है कि माओवादी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। ऑपरेशन चेयुथा का परिणाम भी अच्छा देखने को मिल रहा है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें