यूक्रेन पर बड़े जमीनी हमले की तैयारी में रूस

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यूक्रेन पर बड़े जमीनी हमले की तैयारी में रूस

रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। मास्को टाइम्स के अनुसार रूस अब लंबे समय बाद यूक्रेन पर एक बार फिर बड़ा जमीनी हमला करने की तैयारी कर चुकी है। सीमा पार 50 हजार से अधिक रूसी सैनिकों की तैनाती कर दी गई है।

रूस और यूक्रेन के बीच सीमा पर हलचलें काफी तेज हो गई हैं। “द मास्को टाइम्स” की रिपोर्ट के अनुसार रूस ने सीमा के दूसरी ओर 50 हजार सैनिकों की तैनाती कर दी है। इसके साथ ही यूक्रेन के कई गांवों पर कब्जे का दावा किया गया है। सीमा क्षेत्र में रूस की आक्रामता बढ़ने की आशंका के बीच इधर शनिवार को यूक्रेन ने रूसी सीमा से सटे सुमी क्षेत्र के 11 और गांवों को खाली करने का आदेश जारी किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब यह आशंका तेजी से बढ़ रही है कि मॉस्को फिर से जमीनी हमले की तैयारी कर रहा है।

अब यूक्रेन पर जमीनी हमला करने की तैयारी

लंबे समय से रूस और यूक्रेन एक दूसरे पर ड्रोन और हवाई हमले करते आ रहे हैं। मगर ताजा रिपोर्टों के अनुसार अब रूस ने सीमा के दूसरी ओर 50,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती यूक्रेन पर फिर से जमीनी हमला करने के इरादे से किया है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर यूक्रेनी क्षेत्र में कई गांवों पर कब्जा कर लिया है। कीव ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि रूस ने हाल के हफ्तों में सुमी क्षेत्र के पास कई गांवों पर नियंत्रण कर लिया है।

यूक्रेन में इस जगह बड़ा हमला करने वाला है रूस

यूक्रेन की सीमा सुरक्षा सेवा के प्रवक्ता एंड्री डेमचेंको ने गुरुवार को चेतावनी दी थी कि रूस सुमी पर हमले का प्रयास कर सकता है। यूक्रेनी प्रशासन ने बताया कि सीमा से लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित गांवों को खाली करने का निर्णय “सीमावर्ती समुदायों पर लगातार हो रही गोलाबारी और नागरिकों की जान को खतरे” को देखते हुए लिया गया है। अब तक सुमी क्षेत्र की 213 बस्तियों को खाली करने का आदेश दिया जा चुका है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया कि उसके सैनिकों ने सुमी क्षेत्र के एक और गांव वोडोलागी पर भी कब्जा कर लिया है।

रूस-यूक्रेन में बैठकों के बीच पुतिन ने क्यों तेज किया हमला?

रूस ने यूक्रेन पर पिछले कुछ हफ्तों से हमला तेज कर दिया है। ये हमले ऐसे वक्त में बढ़े हैं, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध विराम पर वार्ता चल रही है। अगली वार्ता भी 2 जून को इस्तांबुल में प्रस्तावित है।रूस ने पुष्टि की है कि वह तुर्की के शहर इस्तांबुल में अपना प्रतिनिधिमंडल भेजेगा। हालांकि, कीव ने अब तक इस बैठक को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है। यूक्रेन का कहना है कि जब तक क्रेमलिन अपनी शांति शर्तों को स्पष्ट नहीं करता, तब तक किसी भी वार्ता से परिणाम निकलना मुश्किल है। रूस के इस हमले को यूक्रेन पर समझौते के दौरान अपनी शर्तें थोपने के लिए दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

जेलेंस्की ने लगाया पुतिन पर बड़ा आरोप

यूक्रेन पर हमला तेज करने और उसके गांवों पर रूसी कब्जे के बाद राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की ने पुतिन पर गंभीर आरोप लगाया है।  ज़ेलेंस्की ने मॉस्को पर आरोप लगाया कि वह शांति वार्ता की संभावनाओं को विफल करने के लिए “हर संभव प्रयास” कर रहा है और जानबूझकर अपनी शर्तों को स्पष्ट नहीं कर रहा।

रूस-यूक्रेन में कब शुरू हुआ था युद्ध

यूक्रेन पर पहला हमला रूस ने फरवरी 2022 में किया था। तब से अब तक यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में दसियों हज़ार लोग मारे जा चुके हैं और कई शहर तथा गांव तबाह हो चुके हैं। वर्तमान में रूसी सेना ने पांच यूक्रेनी क्षेत्रों को अपने अधीन कर लिया है, जिनमें क्रीमिया भी शामिल है जिसे उसने पहले ही 2014 में कब्जा कर लिया था।

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Author: Red Max Media

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