कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि करगिल की तरह ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी निष्पक्ष जांच समिति बनाई जानी चाहिए। इस समिति को पूरे ऑपरेशन की जांच करनी चाहिए और सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार पर देश को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के सिंगापुर में दिए गए बयान का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारतीय वायुसेना को नुकसान हुआ है। ऐसे में करगिल कमेटी की तर्ज पर एक इंडिपेंडेंट कमेटी के जरिए ऑपरेशन सिंदूर की जांच कराई जानी चाहिए।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान ने सिंगापुर में कहा था कि भारत ने अपनी गलतियों से सीखा और भारतीय सेना पाकिस्तान की सीमा में 300 किलोमीटर अंदर तक हमले करने में सक्षम थी।

 

 

मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या लिखा?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खरगे ने लिखा कि सिंगापुर में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के इंटरव्यू के बाद कुछ अहम सवाल सामने आए हैं, जिन्हें पूछा जाना जरूरी है। इसलिए सरकार को तुरंत संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश को गुमराह कर रही है और सेना की वीरता का श्रेय पीएम मोदी ले रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के दावों की हकीकत भी सामने लाने की बात कही। खरगे ने लिखा कि वह भारतीय सेना की बहादुरी और पराक्रम का सम्मान करते हैं, लेकिन इस मामले में जांच जरूरी हैं। 140 करोड़ देशभक्त सच जानने का हक रखते हैं।

खरगे के सवाल

1. ऑपरेशन सिंदूर की जांच के लिए करगिल की तर्ज पर निष्पक्ष समिति बनाई जानी चाहिए। इससे यह साफ होगा कि ऑपरेशन के लिए सेना कितनी तैयार थी। इस दौरान कितना नुकसान हुआ।

2. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध विराम कराने के अपने दावे को फिर से दोहराया है। यह शिमला समझौते का सीधा अपमान है। जांच समिति इसकी भी हकीकत सबके सामने लाएगी।
3. क्या भारत और पाकिस्तान अब फिर से एक हो गए हैं? संघर्ष विराम समझौते की शर्तें क्या हैं?

पाकिस्तान नहीं दे पाया विमान गिराने के सबूत

पाकिस्तान ने भारत के छह विमानों को गिराने का दावा किया था। हालांकि, सबूत मांगे जाने पर पाकिस्तान के मंत्री ने कहा था कि सबूत सोशल मीडिया पर मौजूद हैं। दावा यह भी किया गया था कि पाकिस्तान वायुसेना ने राफेल विमानों को मार गिराया है और भारतीय एयरबेस भी तबाह किए हैं। हालांकि, संघर्ष खत्म होने के बाद पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन एयरबेस में गए, जिन्हें तबाह करने का दावा पाकिस्तान ने किया था। इसके साथ ही भारत ने साबित किया कि पाकिस्तान के दावे झूठे हैं। विदेशी समाचार संस्थानों में अभी भी भारतीय विमानों के मारे जाने और भारत-पाकिस्तान सीजफायर में डोनाल्ड ट्रंप का हाथ होने की खबरें चल रही हैं। इसी आधार पर विपक्ष जांच की मांग कर रहा है। हालांकि, सरकार शुरूआत में ही साफ कर चुकी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच डीजीएमओ स्तर पर बातचीत के बाद संर्घष विराम का फैसला लिया गया था।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें