
जम्मू-कश्मीर के कठुआ में सेना के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इलाके के रिहायशी और जंगल दोनों ही जगह सेना का सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में संदिग्ध गतिविधि का पता चला है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सोमवार को एक वन क्षेत्र के पास तलाश अभियान शुरू किया। सुरक्षाबलों के अधिकारियों ने कहा कि हीरानगर इलाके में एक नागरिक द्वारा तीन संदिग्ध लोगों को देखे जाने के बाद अभियान शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि एक संयुक्त अभियान दल तलाश में जुटा है। इलाके तथा राजमार्ग पर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सुरक्षाबलों की टीम पूरी तरह चौकन्ना
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षाबलों की टीम पूरी तरह चौकन्ना है। राज्यभर में कहीं भी कोई संदिग्ध शख्स दिखता है तो सर्च ऑपरेशल चलाया जाता है। इस सर्च ऑपरेशन में सेना के साथ-साथ लोकल पुलिस की भी मदद ली जाती है।
किश्तवाड़ और सम्बा में छठे दिन भी चल रहा सर्च ऑपरेशन
जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना, पुलिस और सीआरपीएफ द्वारा कई क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। विशेष तौर पर कठुआ, किश्तवाड़ और सम्बा के जंगली इलाकों में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों की सूचना के बाद 27 मई 2025 से संयुक्त अभियान चल रहा है, जो कठुआ के लोवांग और सरथल जैसे क्षेत्रों में छठे दिन भी जारी है।
नदर त्राल में मारे गए थे तीन आतंकी
किश्तवाड़ के शिंगपोरा क्षेत्र में 22 मई 2025 को शुरू हुए ‘ऑपरेशन त्रशी’ में एक सैनिक शहीद हो गया था। चार आतंकियों को घेर लिया गया था। इस दौरान दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई थी। इसके अलावा, 15 मई 2025 को पुलवामा के नदर त्राल क्षेत्र में एक अन्य सर्च ऑपरेशन में तीन आतंकी मारे गए थे।
भारत का ऑपरेशन सिंदूर
ये सर्च ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोग मारे गए थे) के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हिस्सा रहा है। इसका उद्देश्य आतंकी ठिकानों को नष्ट करना और क्षेत्र में स्थिरता लाना है।








