
गाजा में इजरायली सेना ने एक और बड़ा हमला किया है। इसमें कम से कम 14 लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में एक बड़ा हमला कर दिया है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार गाजा पट्टी में एक आवासीय इमारत पर यह हमला किया गया। इस इजरायली हमले में 14 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
रविवार को सहायता केंद्र पर हुई थी गोलीबारी
इससे पहले गाजा पट्टी में रविवार को एक सहायता केंद्र पर गोलीबारी हुई थी, जहां भोजन लेने गए लोगों पर हमला हो गया था। भोजन लेने के लिए सहायता केंद्र जाते समय कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इजरायली बलों ने इजरायल समर्थित संस्था द्वारा संचालित सहायता स्थल से लगभग एक किलोमीटर (1,000 गज) दूर भीड़ पर फायरिंग की। सेना ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा कि उसे ‘‘मानवीय सहायता वितरण स्थल के भीतर इजरायली सेना की गोलीबारी से हुई हानि के बारे में जानकारी नहीं है।’’ वहीं गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस दौरान 170 लोगों के घायल होने का भी दावा किया।
इजरायली सेना पर गोलीबारी का आरोप
घटना रविवार सुबह उस समय हुई जब फाउंडेशन द्वारा 16 ट्रकों के ज़रिए भेजी गई राहत सामग्री का वितरण शुरू हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हज़ारों लोग तड़के ही सहायता केंद्र की ओर जाने लगे, लेकिन जैसे ही वे केंद्र के पास पहुंचे, इजराइली सेना ने उन्हें तितर-बितर होने का आदेश दिया और फिर भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी।
चश्मदीदों ने बयां किया दर्द
40 वर्षीय इब्राहिम अबू सऊद ने बताया, “इजरायली सैनिकों ने रविवार को बिना किसी चेतावनी के गोलियां चलाईं। मैंने अपनी आंखों से कई लोगों को गिरते देखा, एक युवक वहीं मर गया, लेकिन हम उसकी मदद नहीं कर सके।” इसी तरह 33 वर्षीय मोहम्मद अबू तेइमा ने दावा किया कि “मेरे रिश्ते के भाई और एक महिला की मौत हो गई, जब वे सहायता लेने के लिए केंद्र की ओर बढ़ रहे थे।”
‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ और सेना की अलग-अलग बयानबाज़ी
फाउंडेशन ने कहा है कि उनके निजी सुरक्षा गार्डों ने भीड़ पर गोली नहीं चलाई, जबकि इजरायली सेना ने “चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाने” की बात स्वीकार की है। हालांकि, पहले दिन में फाउंडेशन ने बयान जारी करते हुए कहा था कि “सभी 16 ट्रकों से भेजी गई राहत सामग्री शांतिपूर्वक वितरित की गई और किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं है।” लेकिन बाद में स्थानीय गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि “कम से कम 31 लोग मारे गए और 170 से अधिक घायल हुए हैं।”








