
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा दशहरा के अवसर पर राम मंदिर परिसर में राम दरबार सहित आठ देवताओं की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की। यह कार्यक्रम सुबह 1125 से 1140 बजे तक चला। रामेश्वरम की भी प्राण प्रतिष्ठा इसी दिन हुई। राम दरबार की मूर्ति सिंहासन समेत सात फीट ऊंची है जबकि अन्य मूर्तियां अलग-अलग आकार की हैं।
सिंहासन समेत सात फीट ऊंची है मूर्ति
सिंहासन समेत राम दरबार के मूर्ति की ऊंचाई सात फीट है। सिंहासन करीब साढ़े तीन फुट ऊंचा है, जबकि सीताराम का विग्रह साढ़े चार फुट ऊंचा है। मूर्ति सिंहासन पर स्थापित करने के बाद ऊंचाई एक से ड़ेढ फुट कम हो गई है।
ऐसे में कुल ऊंचाई सात फीट तक होगी। वहीं, हनुमान व भरत की मूर्ति बैठी मुद्रा में है, ऊंचाई ढाई फीट है। लक्ष्मण व शत्रुघ्न की मूर्ति खड़ी मुद्रा में है, इसकी ऊंचाई तीन-तीन फीट है।
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बालकराम के बाद राजाराम की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न
शताब्दियों के संघर्ष के पश्चात अपने पुरातन वैभव को प्राप्त करने की ओर अग्रसर रामनगरी के साथ गंगा दशहरा के अवसर पर स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया।
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गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भव्य मंदिर में राजा राम यानी राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा की। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर प्रांगण में उल्लास था।
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मुख्यमंत्री ने सभी विग्रहों का अभिषेक करके राम दरबार की मूर्ति से आवरण हटाया। राजा राम का आभूषणों से भव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान अयोध्या के 19 संत धर्माचार्य भी मौजूद रहे। इसके अलावा ट्रस्ट, संघ व विहिप के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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