
सूरत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई, और उनसे 16 लाख 50 हजार का ऑनलाइन गबन कर दिया।
आरोपियों पर डिजिटल हैरेसमेंट के 40 मामले दर्ज
परमवीर सिंह लगातार छह साल अंडर-19 टीम में खेल चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बैंकों के 15 डेबिट कार्ड, 4 बैंक पासबुक और 11 बैंक चेकबुक बरामद की हैं और उनसे कुल एक लाख रुपये से अधिक की रकम जब्त की है। देश भर में आरोपियों के खिलाफ कुल 40 डिजिटल हैरेसमेंट के मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने सूरत के एक सीनियर सिटीजन को दो दिन पहले डिजिटली हैरेसमेंट में फंसा कर 16 लाख 65 हजार रुपए ऐंठ लिए। सीनियर सिटिज़न ने पुलिस स्टेशन में शिकायत देते ही पुलिस काम ले लग गई थी। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की है।
बुजुर्ग को दी थी मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी
सूरत क्राइम ब्रांच डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि सूरत के एक बुजुर्ग को वीडियो कॉल पर खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताकर 2.50 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी गई। बुजुर्ग को दो दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया ओर उनके बैंक अकाउंट से एफडी तुड़वाकर 16 लाख 50 हजार रूपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिया गया।
बुजुर्ग ने परिजनों को दी जानकारी
जब बुजुर्ग ने घटना की पूरी जानकारी अपनी बेटी को दी, तो उन्होंने सूरत साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक डिटेल्स के आधार पर जांच करते हुए भावनगर से 22 वर्षीय नेशनल बास्केटबॉल खिलाड़ी परमवीर सिंह, राजू परमार और कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपियों के बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उनके खिलाफ 18 राज्यों में 40 से अधिक साइबर ठगी की शिकायत दर्ज है।








