
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि आतंकवादी हमलों से भारत को उकसाया गया तो भारत पाकिस्तान में अंदर तक हमला करेगा। पहलगाम हमले जैसी बर्बर हरकतों की स्थिति में आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी। जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान हजारों आतंकवादियों को प्रशिक्षित कर भारत पर छोड़ रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत द्वारा पाकिस्तान को पहुंचाई गई चोट उसको हमेशा याद आती रहेगी। पाकिस्तान चाहते हुए भी ये दर्द कभी भुला नहीं सकता है। इस बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर से पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आतंकवादी हमलों से उकसाया गया तो भारत पाकिस्तान में अंदर तक हमला करेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमले जैसी बर्बर हरकतों की स्थिति में आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की जाएगी। अपनी यूरोप की यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हजारों आतंकवादियों को खुले में प्रशिक्षित कर रहा है और उन्हें भारत पर छोड़ रहा है।
ये बर्दाश्त नहीं: जयशंकर
जानकारी दें कि सोमवार को पोलिटिको से कहा कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए हमारा उन्हें संदेश है कि यदि आप अप्रैल में किए गए बर्बर कृत्यों को जारी रखते हैं, तो आपको बदला लेना होगा और यह बदला आतंकवादी संगठनों और आतंकवादी नेतृत्व के खिलाफ होगा। जयशंकर ने कहा कि हमें इसकी परवाह नहीं है कि वे कहां हैं। यदि वे पाकिस्तान में काफी अंदर हैं, तो हम पाकिस्तान में काफी अंदर तक जाएंगे।
नुकसान वाले सवाल पर क्या बोले जयशंकर?
उन्होंने इस दौरान कहा कि जहां तक मेरा सवाल है, राफेल कितना प्रभावी था या स्पष्ट रूप से अन्य प्रणालियां कितनी प्रभावी थीं, मेरे लिए इसका सबूत पाकिस्तान की तरफ नष्ट और अक्षम हवाई क्षेत्र हैं।
आठ पाकिस्तानी हवाई क्षेत्रों पर भारत ने किया करारा हमला
दुनिया भर में पाकिस्तान हो रहा बेनकाब
जानकारी दें कि यूरोप की अपनी सप्ताह भर की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और आतंकवाद के खिलाफ भारत की शून्य-सहिष्णुता की नीति की पुष्टि करने के लिए यूरोपीय संघ, बेल्जियम और फ्रांस के नेताओं के साथ बातचीत भी करेंगे।
पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर बेनकाब करने के लिए भारत ने हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर, के बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय तक पहुंचने के लिए 33 वैश्विक राजधानियों में सात बहुपक्षीय प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं।








