अहमदाबाद प्लेन क्रैश में इंदौर के होरा परिवार की बहू की मौत

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अहमदाबाद प्लेन क्रैश में इंदौर के होरा परिवार की बहू की मौत
अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वालों में इंदौर की हरप्रीत कौर होरा की भी जान चली गई। वह अपने पति से मिलने लंदन जा रही थीं।

अहमदाबाद में हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश में इंदौर के होरा परिवार की बहू, हरप्रीत कौर होरा की मौत हो गई। हरप्रीत कौर लंदन में कार्यरत अपने पति रॉबी होरा से मिलने जा रही थीं। रॉबी होरा पेशे से क्लाउड आर्किटेक्ट हैं और लंदन में एक प्रतिष्ठित कंपनी में कार्यरत हैं। हरप्रीत का लंदन जाने का मूल प्लान 19 जून का था, लेकिन 16 जून को उनके पति का जन्मदिन होने के कारण उन्होंने अपनी टिकट पहले करवा ली थी और 12 जून को ही यात्रा पर निकल पड़ीं।

बेंगलुरु की निजी कंपनी में काम करती थी हरप्रीत कौर 

जानकारी के अनुसार, हरप्रीत कौर कुछ दिन पहले अपनी मां से मिलने अहमदाबाद आई थीं। वे बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम कर रही थीं। इस दुखद हादसे में होरा परिवार सहित पूरे इंदौर में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल हादसे की जांच जारी है और प्रशासन द्वारा विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

हादसे से पहले हुई थी फोन पर बात

हरप्रीत कौर के ससुर हरजीत सिंह होरा ने मीडिया को बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी टीवी न्यूज चैनल के माध्यम से मिली। इसके बाद हमने अपने समधी यानी हरप्रीत कौर के पिता को फोन लगाया। उन्होंने बताया कि वह एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं। हरजीत सिंह होरा ने कहा कि उनकी फोन पर बहू से बात हुई थी। मुझे उसने बताया कि वह एयरपोर्ट पर पहुंच गई है। हमने हैप्पी जर्नी भी बोला था। बाद में फोन बंद हो गया।

हरप्रीत कौर का पति लंदन से आ रहा वापस

हरजीत सिंह होरा ने बताया कि उनका बेटा लंदन में काम करता है। वह भी शाम तक यहां पहुंच जाएगा। इसके बाद हम सब अस्पताल जाएंगे जहां पर सभी मृतकों के शव रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बहू एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत थी।

छह शवों की हो पाई शिनाख्त 

वहीं, अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मारे गए लोगों में से छह की शिनाख्त करने के बाद उनके शव उनके परिजनों को सौंप दिये गये। बृहस्पतिवार को हुए हादसे के बाद कम से कम 265 शवों को पोस्टमार्टम के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल भेजा गया था। निरीक्षक चिराग गोसाई ने बताया कि इनमें से केवल छह की शिनाख्त हो पाई क्योंकि उनके चेहरे पहचाने जा सकने की हालत में थे। उन्होंने बताया कि अन्य शव इतनी बुरी तरह झुलस चुके हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है इसीलिए उनकी शिनाख्त के लिए डीएनए जांच की जा रही है। 215 मृतकों के रिश्तेदारों ने अपने नमूने देने के लिए हमसे संपर्क किया है।

Red Max Media
Author: Red Max Media

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