
अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में पायलट सुमित सभरवाल का एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को भेजा गया आखिरी मैसेज सामने आ गया है। 4-5 सेकंड में सुमित कह रहे हैं कि मेडे, मेडे, मेडे… थ्रस्ट नहीं मिल रहा, पावर कम हो रही है, प्लेन नहीं उठ रहा है, नहीं बचेंगे। विमान जिस हॉस्टल बिल्डिंग गिरा है, उसमें 34 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं उधर मरने वालों का आंकड़ा 275 हो गया है। विमान में 12 क्रू मेंबर समेत 242 लोग मौजूद थे।
MAYDAY कॉल कब दी जाती है? पायलट इन परिस्थितियों में MAYDAY कॉल देता है, इंजन फेल हो जाए, विमान में आग लग जाए, तेज टकराव या क्रैश की आशंका हो
कॉकपिट में ऑक्सीजन या अन्य सिस्टम फेल हो जाएं या हाईजैक या आतंकवादी हमला हो।
MAYDAY क्यों जरूरी है? जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को MAYDAY कॉल मिलती है, वे उस विमान को तुरंत प्राथमिकता देते हैं। एयरपोर्ट और राहत टीमें एक्टिव हो जाती हैं। MAYDAY शब्द फ्रेंच के “m’aider” से आया है, जिसका मतलब होता है – “मदद करें!
” MAYDAY कॉल कैसे दी जाती है? पायलट रेडियो पर तीन बार बोलता है: “MAYDAY, MAYDAY, MAYDAY” इसके बाद वो बताता है कि विमान को क्या दिक्कत है और वो कहां है।
Author: Red Max Media
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