ISRO ने पेलोड के साथ किया सफल रॉकेट लॉन्च टेस्ट

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पहली बार हुई रॉकेट लॉन्च की टेस्टिंग
यूपी के कुशीनगर जिले में इसरो ने एक रॉकेट लॉन्च टेस्ट किया। यह टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। इसमें 1.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक रॉकेट गया। खास बात यह रही कि इस रॉकेट के साथ पेलोड को भी भेजा गया था।

यूपी के कुशीनगर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां इसरो और इन-स्पेस के सहयोग ने एस्ट्रोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा एक रॉकेट लॉन्च की सफल टेस्टिंग की गई। इसमें खास बात यह रही कि इस रॉकेट के साथ एक पेलोड को भी भेजा गया था। यह ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। यह मॉडल राकेट शनिवार की शाम पांच बजकर 14 मिनट पर लॉन्च किया गया जो 1.11 किलोमीटर तक की ऊंचाई तक पहुंचा। यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र और पूरे देश के बच्चों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

पहली बार हुई रॉकेट लॉन्च की टेस्टिंग

दरअसल, यूपी के कुशीनगर जिले में एक सफल मॉडल रॉकेट लॉन्च टेस्टिंग की गई। यह पहली बार है जब राज्य से रॉकेट के जरिए कोई पेलोड प्रक्षेपित किया गया। अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सहयोग से एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा शनिवार को यह परीक्षण किया गया। इसमें मॉडल रॉकेट शाम पांच बजकर 14 मिनट पर 1.11 किलोमीटर ऊपर तक गया।

1.1 किलोमीटर ऊंचाई तक गया रॉकेट

वहीं टेस्टिंग स्थल पर मौजूद इसरो के वैज्ञानिक अभिषेक सिंह ने कहा, ‘‘रॉकेट को शाम पांच बजकर 14 मिनट 33 सेकंड पर प्रक्षेपित किया गया, जो 1.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया। इसके बाद एक छोटा उपग्रह (पेलोड) बाहर आया। जैसे ही यह पांच मीटर नीचे आया, इसका पैराशूट सक्रिय हो गया और उपग्रह जमीन पर 400 मीटर की दूरी पर उतर गया। पंद्रह किलोग्राम का रॉकेट भी सुरक्षित रूप से नीचे उतरा।”

सफलतापूर्वक हुई टेस्टिंग

इसके अलावा इन-स्पेस के संवर्धन निदेशालय के निदेशक विनोद कुमार ने इसे टेस्टिंग की सफलता की पुष्टि की। उन्होंने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र और पूरे देश के बच्चों में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि पैदा करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।’’ विनोद कुमार ने कहा कि यह पहली बार था जब उत्तर प्रदेश में रॉकेट द्वारा सीधे उपग्रह प्रक्षेपित किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। इन-स्पेस अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के तहत संचालित एक स्वायत्त निकाय है।

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Author: Red Max Media

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