विष्णु देव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ में दूर की शिक्षकों की कमी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ के 453 सरकारी स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं था और 5936 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक था। अब कोई भी स्कूल ऐसा नहीं है, जहां कोई शिक्षक न हो। सिर्फ एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या भी घटकर 1207 रह गई है।

छत्तीसगढ़ में सीएम विष्णु देव साय की अगुआई वाली सरकार ने शिक्षा की दिशा में बड़ा काम कर अहम उपलब्धि हासिल की है। अब राज्य में कोई भी ऐसा प्राथमिक या हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं है, जहां कोई शिक्षक न हो। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती कर शिक्षकों की कमी दूर की है। भर्ती शुरू होने से पहले राज्य में 453 सरकारी स्कूलों में कोई शिक्षक नहीं था और 5936 स्कूलों में सिर्फ एक शिक्षक था। अब छत्तीसगढ़ के हर स्कूल में कम से कम एक शिक्षक है। वहीं, सिर्फ एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या भी घटकर 1207 रह गई है। राज्य में एक शिक्षक वाले स्कूलों की संख्या में 80 फीसदी की कमी आई है।

सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में शिक्षकों की कमी काफी ज्यादा थी। इस वजह से इन इलाकों के बच्चों को उचित शिक्षा नहीं मिल पाती थी। शिक्षा और रोजगार की कमी के चलते युवा मुख्य धारा से कट जाते थे। अब सरकार ने इस समस्या को दूर किया है।

तीन चरण में हुई काउंसलिंग

शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की काउंसलिंग शुरू की। इसके चलते अब प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है।

अब 1207 स्कूलों पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एक शिक्षक वाली स्कूलों की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे। राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके लिए प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है।

बस्तर के 283 स्कूलों में एक शिक्षक

राज्य में एक शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में 283, बीजापुर 250,सुकमा 186, मोहला मानपुर चौकी 124, कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।

Red Max Media
Author: Red Max Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें