
(चित्र में आईपीएस अवकाश कुमार)
बिहार की राजधानी पटना के एसएसपी का ट्रांसफर कर दिया गया। चर्चा है कि हाल में हुई कई आपराधिक घटनाओं की वजह से उनका ट्रांसफर किया गया है। हालांकि आंकड़ों पर नजर डालें तो पटना में इसी अवधि के दौरान अपराध के ग्राफ में कमी देखी जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि एसएसपी अवकाश कुमार का ट्रांसफर क्यों किया गया?
दो दिन पहले बिहार में 18 आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया गया। इस लिस्ट में एक नाम चौंकाने वाला था, पटना के एसएसपी अवकाश कुमार का, क्योंकि अवकाश कुमार को पटना का एसएसपी बने हुए सिर्फ करीब 5 महीने ही हुए थे। इसके बावजूद उनका तबादला कर उन्हें BMP में भेज दिया गया। दरअसल पटना में पिछले 5 महीने में 116 हत्या के अलावा रेप, लूट, डकैती और सेंधमारी की कई घटनाएं हुई है। हाल ही में पटना में 24 घंटे में डबल मर्डर की दो घटनाएं हुईं। वहीं बोरिंग रोड जैसे इलाके में अपराधी खुलेआम फायरिंग करते दिखे।
अवकाश कुमार के कार्यकाल में हुई आपराधिक घटनाएं
आइये साल 2025 में एसएसपी अवकाश कुमार के जनवरी से मई तक के कार्यकाल के दौरान हुई कुछ आपराधिक घटनाओं के बारे में जानते हैं। साल 2025 में अब तक हत्या के 116, रेप के 41, लूट के 47, डकैती के 10, सेंधमारी के 343 और वाहन चोरी के 2335 केस दर्ज किए गए हैं। महज पांच महीने में राजधानी पटना के भीतर लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के बीच एसएसपी अवकाश कुमार का ट्रांसफर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि एसएसपी ने इस वजह से किनारा कर लिया है।
आंकड़ों के मुताबिक गिरा अपराध का ग्राफ
एसएसपी अवकाश कुमार ने पिछले 3 साल के मुकाबले पटना में इस साल उनके 5 महीने के कार्यकाल में जनवरी से मई तक हत्या, लूट, अपहरण, डकैती की वारदात में कमी आने का दिया किया है। उन्होंने मीडिया के सामने इससे जुड़े आंकड़े भी जारी किए हैं और बढ़ते अपराध की वजह से तबादला किये जाने से इंकार किया है। अवकाश कुमार ने सिर्फ जून महीने का भी पिछले 3 साल का आंकड़ा जारी कर बताया कि आंकड़े बताते हैं कि अपराध में कमी आई है। अवकाश कुमार ने कहा कि तबादले की कई और वजहें भी होती हैं, इसलिए इसे इससे न जोड़ा जाय।
करीब पांच महीने के आंकड़े किए जारी
एसएसपी अवकाश कुमार की तरफ से जनवरी से मई महीने के अपने कार्यकाल का पिछले तीन सालों का तुलनात्मक आंकड़ा जारी किया गया था। इस आंकड़े के अनुसार इन 5 महीनों (जनवरी से मई के बीच) में 2022 में हत्या के 137, 2023 में 116, 2024 में 142 थी, जबकि इसी अवधि में 2025 में हत्या के 116 मामले दर्ज हुए। इसी तरह बलात्कार, डकैती, लूट और सेंधमारी के मामलों में भी कमी आई। इसके अलावा हथियार बरामदगी के मामलों में बढ़त दर्ज की गई है। 2023 में 139 हथियार बरामदगी के मुकाबले 2025 में 196 हथियार बरामद किये गए। साल 2023 में 2871 वाहन चोरी के मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 2335 हुए हैं।
समीक्षा बैठक के बाद हुआ था ट्रांसफर
राजधानी पटना में बढ़ते अपराध की घटनाओं को देखते हुए दो दिन पहले शनिवार को DGP विनय कुमार और ADG कुंदन कृष्णन ने समीक्षा बैठक की। इस समीक्षा बैठक के सिर्फ एक घंटे के बाद पटना SSP समेत पटना पूर्वी SP डॉ. के रामदास, सेंट्रल SP स्वीटी सहरावत और पश्चिमी SP सरथ आर एस का ट्रांसफर कर दिया गया। ऐसा पहली बार हुआ है, जब पटना के SSP को 6 महीने से पहले ही हटा दिया गया हो। 30 दिसंबर 2024 को SSP के रूप में अवकाश कुमार ने पदभार ग्रहण किया था। अब पूर्णिया SP रह चुके कार्तिकेय शर्मा को पटना एसएसपी की जिम्मेदारी दी गई है।
हाल ही में हुई बड़ी घटनाएं
दरअसल, एसएसपी को बदलने की बड़ी वजह हाल में हुई कुछ आपराधिक घटनाएं मानी जा रही हैं। पटना में जून के महीने में ही 24 घंटे में दो डबल मर्डर हुए। 9 जून की सुबह अपराधियों ने आलमगंज थाना इलाके में घर में घुसकर रिटायर्ड नर्स, उनकी इकलौती बेटी और नर्स के पति को गोलियों से भून डाला था, जिसमें मां-बेटी की मौत हो गई थी। घर के सामने अपराधियों के फायरिंग करने का एक वीडियो भी सामने आया था। उसी दिन रात के 9 बजे पटना के बिक्रम में दो युवकों सोनू और रौशन की कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों चौकीदार मर्डर केस में नामजद अभियुक्त भी थे।
विधि व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल
इसके अलावे कुम्हरार इलाके में हॉस्पिटल संचालिका सुरभि राज की हत्या की गई। वहीं, बोरिंग कैनाल रोड में दिनदहाड़े स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने फायरिंग की घटना को अंजाम दिया। फिर 11 जून की रात 12:30 बजे अटल पथ पर चेकिंग के दौरान स्कॉर्पियो सवार रईसजादों ने 3 पुलिसकर्मियों को रौंद दिया। इस घटना में एक महिला पुलिसकर्मी कोमल कुमारी की मौत हो गई। हत्या, लूट, डकैती और अन्य संगीन वारदात होने से पटना पुलिस की किरकिरी हो रही थी। दरअसल पटना पुलिस ही बिहार पुलिस का फेस माना जाता है। चुनावी साल में अपराध की घटनाओं का हवाला देकर विपक्षी दल पटना में विधि-व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा कर रहे थे।
कौन होंगे पटना के नए एसएसपी?
पूर्णिया के मौजूदा SP रह चुके कार्तिकेय शर्मा को अब पटना का नया एसएसपी बनाया गया है। कार्तिकेय शर्मा का पुराना रिकॉर्ड अच्छा है और कई चर्चित मामले को सुलझाने में उन्होंने कामयाबी हासिल की है। कार्तिकेय शर्मा वैशाली और शेखपुरा जिले के भी SP रह चुके हैं। सितंबर 2025 में उन्हें पूर्णिया का SP बनाया गया। पूर्णिया SP रहते हुए कार्तिकेय शर्मा ने सांसद पप्पू यादव को मिल रही धमकी मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि धमकी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से नहीं, बल्कि पप्पू यादव के लोगों ने ही उनके एक करीबी से सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से धमकी दिलवाई थी।








