
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तराखंड में नशा तस्करों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच फार्मा कंपनियों पर छापेमारी की। हरिद्वार ऋषिकेश और काशीपुर में हुई इस कार्रवाई में दवा बिक्री स्टॉक और ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है। एसटीएफ की एफआईआर के आधार पर हुई इस कार्रवाई में नशा तस्करों और फार्मा कंपनियों के गठजोड़ का पर्दाफाश होने की संभावना है जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए करोड़ों कमाए।
ईडी सूत्रों के अनुसार ईडी ने यह कार्रवाई एसटीएफ की ओर से बीते वर्ष दर्ज एफआइआर के आधार पर की गई। एफआइआर के आधार पर ईडी ने जांच में पाया कि फार्मा कंपनियों के साथ गठजोड़ कर नशा तस्करों ने कई दवाओं की आपूर्ति नशे के रूप में प्रयोग के लिए की है।
ईडी ने उत्तराखंड में हरिद्वार, ऋषिकेश, काशीपुर में पांच ठिकानों पर की छापेमारी
फार्मा और नशा तस्करों के गठजोड़ पर की जा रही कार्रवाई में ईडी की एंट्री के बाद फार्मा सेक्टर में हड़कंप की स्थिति है। सूत्रों के अनुसार देर रात तक जारी कार्रवाई में ईडी ने बड़ी संख्या में दवाओं के निर्माण और कच्चे माल की खरीद से संबंधित रिकॉर्ड कब्जे में लिए हैं। वहीं, कंपनी पदाधिकारियों और दवा निर्माण से जुड़े अहम स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है। माना जा रहा है कि ईडी बड़े स्तर पर आरोपितों की संपत्ति अटैच कर सकती है।
ड्रग पैडलर एलेक्स ने खोले फार्मा कंपनियों के साथ गठजोड़ के राज
हजारों किलो ट्रामाडोल पाउडर की खरीद से शक गहराया
ईडी की जांच में यह बात भी सामने आई कि विभिन्न फार्मा कंपनियों ने प्रतिबंधित श्रेणी की दवा बनाने के लिए सालभर के भीतर 07 हजार से अधिक ट्रामाडोल पाउडर खरीदा है। इस खरीद को वास्तवित दवा निर्माण के हिसाब से बेहद अधिक माना गया। इस आधार पर भी ईडी का शक गहरा गया।








