12 लाख यात्रियों ने किए केदारनाथ में दर्शन

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केदानाथ
देश-विदेश के यात्री बाबा के दर्शनों के साथ ही नई केदारपुरी के स्वरूप को निहारने के लिए भी बड़ी संख्या में केदारनाथ पहुंच रहे है। यात्रा की रफ्तार बढ़ने से डंडी-कंडी के साथ ही पर्यटन से जुडे व्यवसायियों, हेली सेवा, घोड़े-खच्चर ने अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। यदि इसी तरह यात्रा की रफ्तार यूं ही बनी रहती है तो डंडी-कंडी मालिकों को और अच्छी आय होने की उम्मीद है। 

चारधाम में शामिल केदारनाथ धाम की यात्रा इस बार भी नया रिकॉर्ड दर्ज करेगी। यात्राकाल के मात्र 51 दिन में यात्रियों के दर्शनों का आंकडा 12 लाख के पार पहुंच गया है। विश्व प्रसिद्ध धाम केदारनाथ यात्रा में घोडे-खच्चरों के साथ ही डंडी-कंडी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जो हेली सेवा से केदारनाथ नहीं जा पाते हैं, वह डंडी-कंडी से भोले बाबा के दर्शनों को पहुंचते है। यहीं कारण है कि अब तक यात्रा के 51 दिन में डंडी-कंडी संचालन से 33.85 का कारोबार हो चुका है। इससे जिला पंचायत को अब तक 2.28 करोड़ की शुद्ध आय हुई है।
यात्रियों की संख्या बढ़ने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस वर्ष यात्रियों के दर्शनों के साथ ही करोबार के सभी रिकॉर्ड टूट जाएंगे।

2 मई को खुले थे कपाट

गत 2 मई को भगवान केदारनाथ धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए थे। पहले दिन ही 30 हजार से अधिक यात्री दर्शनों को पहुंचे थे। शुरूआती दस दिनों तक घोड़े व खच्चरों की बीमारी और भारत-पाक के बीच चल रह संघर्ष के चलते एक सप्ताह तक यात्रा कुछ प्रभावित जरूर हुई है। लेकिन इसके बाद यात्रा ने रफ्तार पकड़ने से यात्रियों की संख्या में काफा इजाफा होने से बद्री-केदार मंदिर समिति व प्रशासन ने केदारनाथ मंदिर में प्रतिदिन दर्शन का समय भी बढ़ाया। जिससे अधिक से अधिक यात्री दर्शन कर वापस लौट सके। डेढ़ माह तक प्रतिदिन औसतन 25 हजार यात्री दर्शनों को पहुंच रहे थे।

बरसात का सीजन शुरू होने पर कुछ गिरावट हुई

गत शुक्रवार से यात्रियों की संख्या में गिरावट देखने से 19 हजार यात्री ही दर्शनों को पहुुंचे है। ऐसे में बरसात का सीजन शुरू होने से यात्रियों की संख्या भी घटनी शुरू हो गई है। इस वर्ष यात्राकाल के मात्र 51 दिन में यात्रियों का आंकड़ा 12 लाख के पाा पहुंच चुका है, जबकि पिछले यह आंकड़ा 10 लाख के आसपास था। जिससे मंदिर समिति एवं पर्यटन से जुडे व्यवसायियों को अच्छा मुनाफा हुआ है। केदारनाथ यात्रा में डंडी-कंडी का संचालन कर रही जिला पंचायत ने इस बार 8235 सवारी एवं 664 माल ढुलान घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण कर लाइसेंस तैयार किए है। जबकि 8961 श्रमिकों एवं 4 हाकरों का पंजीकरण भी किया है।

डंडी से 24,145 यात्री बाबा केदार के दर्शनों से पहुंचे

इस वर्ष 51 दिन में डंडी से 24,145 यात्री बाबा केदार के दर्शनों से पहुंचे है, जिससे 21.73 करोड़ का कारोबार हुआ है। जबकि कंडी से 20205 यात्री केदारना पहुंचे है। जिससे 12.12 करोड़ का करोबार हुआ है। कुल मिलाकर डंडी-कंडी से 33.85 करोड़ का कारोबार हुआ है। जिला पंचायत को अब तक व्यवस्था शुल्क से 1.75 करोड़, अर्थदंड शुल्क से 5.67लाख एवं लाइसेंस फीस से 46.75 लाख समेत कुल 2.28 करोड़ की शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।

केदारनाथ दर्शनों में सबसे टॉप पर

चारधाम में केदारनाथ दर्शनों में सबसे टॉप भी चल रहा है। इस वर्ष केदानाथ में भक्तों का हुजूम उमड़ने से विग वर्षो के सभी रिकार्ड भी ध्वस्त हो जाएंगे। इस बार केदारनाथ यात्रा नया इतिहास लिखने की ओर कदम बढ़ा रही है। देश-विदेश के यात्री बाबा के दर्शनों के साथ ही नई केदारपुरी के स्वरूप को निहारने के लिए भी बड़ी संख्या में केदारनाथ पहुंच रहे है। यात्रा की रफ्तार बढ़ने से डंडी-कंडी के साथ ही पर्यटन से जुडे व्यवसायियों, हेली सेवा, घोड़े-खच्चर ने अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। यदि इसी तरह यात्रा की रफ्तार यूं ही बनी रहती है तो डंडी-कंडी मालिकों को और अच्छी आय होने की उम्मीद है।

वर्ष 2025 में पालकी/डंडी का रेट- स्थान दूरी 60 किग्रा 75 किग्रा 90 किग्रा
गौरीकुंड-केदारनाथ 16 किमी 8000 9000 10000
केदारनथ-गौरीकुंड 16 किमी 7000 8000 9000
गौरीकुंड-केदारनाथ-गौरीकुंड 32 किमी 14000 15000 16000

वर्ष 2025 में कंडी का रेट- स्थान दूरी 25 किग्रा 50 किग्रा गौरीकुंड-केदारनाथ 16 किमी 4300 6700
केदानाथ-गौरीकुंड 16 किमी 3600 5500
गौरीकुंड-केदारनाथ-गौरीकुंड 32 किमी 5800 10300

केदारनाथ यात्रा के मात्र 51 दिन में डंडी-कंडी से लगभग 33.85 करोड़ रुपये का कारोबार हो चुका है। जिससे जिला पंचायत को अब तक 2.28 करोड की शुद्ध आय प्राप्त हो चुकी है। जिला पंचायत डंडी से 300 रुपये एवं कंडी से 200 रुपए प्रति चक्कर का व्यवस्था शुल्क लेती है। यात्रा की रफ्तार इसी प्रकार रहती है, तो अभी जिला पंचायत की आय में और इजाफा होगा।

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Author: Red Max Media

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