राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से बड़ा झटका

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ट्रम्प और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी

हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की एंट्री पर कोर्ट के आदेश से ट्रंप प्रशासन को फिर लगा झटका;

हार्वर्ड विश्वविद्यालय मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा था कि विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय और ट्रंप प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में संघीय न्यायालय ने बड़ा आदेश दिया है। संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन के विदेशी छात्रों को हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश बंद करने के आदेश पर दूसरी बार रोक लगा दी है। बोस्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश एलिसन बरो ने अपने आदेश में कहा कि मामले के निपटारे तक विदेशी छात्रों के हार्वर्ड में अध्ययन के लिए अमेरिका आने की सुविधा को बरकरार रखा जाएगा। यह फैसला हार्वर्ड के लिए एक और कानूनी जीत है, जो हाल के महीनों में व्हाइट हाउस की कई नीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

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हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों की एंट्री पर कोर्ट के आदेश से ट्रंप प्रशासन को फिर लगा झटका, जानें पूरा मामला

हार्वर्ड विश्वविद्यालय मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। ट्रंप प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा था कि विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

Edited By: Amit Mishra@AmitMishra64927
Published : Jun 24, 2025 11:27 IST, Updated : Jun 24, 2025 11:27 IST
US President Donald Trump and an image of Harvard University.
Image Source : @CANDID_TILAIYANUS President Donald Trump and an image of Harvard University.

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय और ट्रंप प्रशासन के बीच चल रहे विवाद में संघीय न्यायालय ने बड़ा आदेश दिया है। संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन के विदेशी छात्रों को हार्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रवेश बंद करने के आदेश पर दूसरी बार रोक लगा दी है। बोस्टन में अमेरिकी जिला न्यायाधीश एलिसन बरो ने अपने आदेश में कहा कि मामले के निपटारे तक विदेशी छात्रों के हार्वर्ड में अध्ययन के लिए अमेरिका आने की सुविधा को बरकरार रखा जाएगा। यह फैसला हार्वर्ड के लिए एक और कानूनी जीत है, जो हाल के महीनों में व्हाइट हाउस की कई नीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।

संकट में थे हजारों छात्र

ट्रंप प्रशासन की ओर से लिए गए फैसले की वजह से करीब 7,000 विदेशी छात्रों का भविष्य अधर में अटक गया था। मामले में छात्रों को या तो यूनिवर्सिटी छोड़नी पड़ती या अमेरिका में उनका कानूनी दर्जा खत्म हो जाता। अब कोर्ट के नए आदेश के बाद इन विदेशी छात्रों को राहत जरूर मिलेगी।

 

ट्रंप ने किया क्या था? 

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, डोनाल्ड ट्रंप ने एक शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें कहा गया था कि हार्वर्ड को मैसाचुसेट्स के कैम्ब्रिज स्थित अपने परिसर में विदेशी छात्रों को दाखिला देने की अनुमति देना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा। ट्रंप ने आदेश में लिखा था, ‘‘मैंने यह तय किया है कि विदेशी नागरिकों के वर्ग का प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक है क्योंकि मेरे विचार में हार्वर्ड के आचरण ने इसे विदेशी छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अनुपयुक्त स्थान बना दिया है।’’

रिसर्च फंड में की गई थी कटौती 

ट्रंप प्रशासन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के रिसर्च फंड में भी भारी कटौती कर दी थी। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिए थे, यूनिवर्सिटी की टैक्स छूट खत्म करने की धमकी दी थी और हार्वर्ड से विदेशी छात्रों से जुड़े दस्तावेज भी मांगे थे। इसके बाद जब ट्रंप सरकार को हार्वर्ड की तरफ से मिली जानकारी पर्याप्त नहीं लगी तो यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट और एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम सर्टिफिकेशन भी रद्द कर दिया गया था।

ट्रंप ने संघीय कानून का दिया था हवाला 

इस पूरे मामले में ट्रंप ने एक संघीय कानून का हवाला दिया था जो राष्ट्रपति को उन विदेशियों को रोकने का अधिकार देता है जिनका प्रवेश अमेरिका के हितों के लिए हानिकारक हो सकता है। ट्रंप के हार्वर्ड संबंधी आदेश में कई अन्य कानूनों का भी हवाला दिया गया था जिनमें आतंकवादी संगठनों से जुड़े विदेशियों पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून भी शामिल है।

 

Red Max Media
Author: Red Max Media

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