
भगवान विष्णु के अवतारों पर 7 फिल्मों की सीरीज बनाने का फैसला हो चुका है और इसका ऐलान भी कर दिया गया है। मेकर्स होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शंस ने इसकी घोषणा की है। ये मल्टीवर्स कैसा होगा जानें।
होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शंस ने मिलकर एक विशाल एनिमेटेड फ्रेंचाइजी ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ (MCU) की घोषणा की है, जो भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित एक दशक लंबी फिल्म सीरीज होगी। इस यूनिवर्स में भगवान विष्णु के दशावतारों की कहानियां पेश की जाएंगी, जिसकी शुरुआत होगी ‘महावतार नरसिंह’ से, जो 25 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस सीरीज में कितने अवतारों की कहानियां हैं और ये कब रिलीज होंगी इसका पूरा ब्योरा आपको यहां देखने को मिलने वाला है।
आधिकारिक रिलीज कैलेंडर
- महावतार नरसिंह – 2025
- महावतार परशुराम – 2027
- महावतार रघुनंदन – 2029
- महावतार द्वारकाधीश – 2031
- महावतार गोकुलानंद – 2033
- महावतार कल्कि पार्ट 1 – 2035
- महावतार कल्कि पार्ट 2 – 2037
भव्यता और आस्था का संगम
डायरेक्टर अश्विन कुमार ने कहा, ‘हम भारतीय विरासत को एक ऐसे रूप में पेश कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया। ‘महावतार यूनिवर्स’ सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक अनुभव है, आध्यात्मिक और सिनेमाई दोनों स्तरों पर। अब भारत दहाड़ेगा।’ वहीं, प्रोड्यूसर शिल्पा धवन ने कहा, ‘यह तो बस शुरुआत है! जब हमारी कहानियां स्क्रीन पर जीवंत होंगी, तो दर्शकों को एक नया जोश और गर्व महसूस होगा। तैयार हो जाइए एक अद्भुत सफर के लिए।’
मल्टीप्लेटफॉर्म एक्सपीरियंस
‘महावतार यूनिवर्स’ केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहेगा। इसकी कहानियां कॉमिक बुक्स, वीडियो गेम्स, डिजिटल एपिसोड्स और कलेक्टिबल्स के रूप में भी सामने आएंगी। इसका उद्देश्य रोमांच, आध्यात्मिकता और टेक्नोलॉजी के अनोखे संगम के जरिए आज की पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। ‘महावतार नरसिंह’ को 5 भारतीय भाषाओं में और 3D फॉर्मेट में रिलीज किया जाएगा। इसमें दर्शक सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और वीरता की एक भव्य झलक देखेंगे।
फिल्म का निर्माण शिल्पा धवन, कुशल देसाई और चैतन्य देसाई द्वारा किया जा रहा है, और इसे क्लीम प्रोडक्शंस तथा होम्बले फिल्म्स की साझेदारी में प्रस्तुत किया जाएगा। होम्बले फिल्म्स के अनुसार, ‘महावतार यूनिवर्स कोई आम एनीमेटेड सीरीज नहीं है, यह हमारे आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर को एक नई पहचान देने वाला एक भव्य प्रयास है।








