रूस-भारत और चीन करने वाले हैं बड़ा काम

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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर भारत-रूस और चीन के संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। लावरोव ने कहा है कि रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय वार्ता जल्द शुरू होगी। इससे पहले लावरोव ने पश्चिमी देशों पर बड़ा बयान दिया था।

रूस-भारत और चीन के संबंधों को लेकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। लावरोव ने भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार के संकेतों का हवाला देते हुए उम्मीद जताई कि रूस-भारत-चीन (RIC) त्रिपक्षीय वार्ता जल्द फिर से शुरू होगी। वर्ष 2020 में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गलवान घाटी में टकराव के बाद से आरआईसी त्रिपक्षीय वार्ता स्थगित है।

‘RIC जल्द शुरू करेगा अपना काम’

भारत सहित 40 देशों के अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विश्व अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों की वार्षिक बैठक “प्रिमाकोव रीडिंग्स” में बोलते हुए, लावरोव ने कहा कि हमारी बैठकें कुछ समय के लिए रुकी हुई थीं, पहले महामारी के कारण और बाद में भारत-चीन सीमा पर तनाव के कारण। स्थिति बेहतर हो रही है और हमें उम्मीद है कि RIC जल्द ही अपना काम फिर से शुरू कर देगा।

RIC के बारे में जानें?

RIC को कई साल पहले रूस के पूर्व प्रधानमंत्री येवगेनी प्रिमाकोव की पहल पर स्थापित किया गया था। लावरोव ने इससे पहले कहा था कि इस समूह की अब तक ना केवल विदेश मंत्रियों के स्तर पर, बल्कि तीनों देशों की अन्य आर्थिक, व्यापार और वित्तीय एजेंसियों के प्रमुखों के स्तर पर 20 से ज्यादा मंत्रिस्तरीय बैठकें हो चुकी हैं।

नरेंद्र मोदी (बाएं) व्लादिमीर पुतिन (मध्य) शी जिनपिंग (दाएं)

‘NATO कर रहा है साजिश’

बता दें कि, इससे पहले रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि भारत और चीन के बीच सीमा पर स्थिति को कैसे आसान बनाया जाए, इस पर समझ बन गई है। उन्होंने कहा था कि RIC को फिर से सक्रिय करने का समय आ गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि नाटो (NATO) भारत को चीन विरोधी साजिशों में फंसाने की कोशिश कर रहा है।

पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच हुई थी मुलाकात

गौरतलब है कि, जून 2020 में भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुए संघर्ष के बाद से RIC की बातचीत रुक गई थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई थी, जिसमें दोनों नेताओं ने आपसी रिश्ते सुधारने की जरूरत पर जोर दिया था। पीएम मोदी और जिनपिंग की मुलाकात के बाद भारत और चीन के संबंधों में बदलाव दिखा है।

 

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Author: Red Max Media

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