
पाकिस्तान से अवैध तरीक से भारत में भेजे जाने वाले 39 शिपिंग कंटेनरों को राजस्व खुफिया निदेशालय ने जब्त किया है। इसके लिए डीआरआई द्वारा ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ चलाया जा रहा है।
राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने एक ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ नाम का एक अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य तीसरे देशों, मुख्यत: दुबई, यूएई के माध्यम से पाकिस्तानी मूल के सामानों के अवैध यातायात को रोकना है। अब तक इस अभियान में 39 कंटेनरों को जब्त किया गया है, जिसमें करीब 1115 मीट्रिक टन सामान था, जिसकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये थी। यह सामान आयात नीति की शर्तों और सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए भारत आयात किए गए थे। इस मामले में पुलिस ने इंपोर्टिंग फर्म के एक सहयोगी को 26 जून 2025 को गिरफ्तार किया है।
पाकिस्तान में बने सामानों को अवैध तरीके से भेजा जा रहा था भारत
पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलों के बाद सरकार ने 2 मई 2025 को पाकिस्तान के सामानों के निर्यात पर व्यापक प्रतिबंध लगा दिया था। पहले ऐसे डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से इंपोर्ट किए गए सामानों पर सरकार द्वारा 200 फीसदी सीमा शुल्क लगाया जाता था। इन कड़े उपायों के बावजूद कुछ आयातक सरकार की नीति को दरकिनार करने का प्रयास कर रहे हैं और सामानों की उत्पत्ति को गलत तरीके से दिखाकर और संबंधित शिपिंग डॉक्यूमेंट्स में हेरफेर करके इन सामानों को भारत ला रहे हैं। दो अलग-अलग मामलों में इन खेपों को न्हावा शेवा बंदरगाह पर जब्त कर लिया गया था। आयातकों इन सामानों को गलत तरीके से यूएई मूल का दिखाकर भारत लाया जा रहा था, ताकि उन सामानों के पाकिस्तान मूल की पहचान को छिपाया जा सके। हालांकि जांच में यह पैदा चला कि उन सामानों को वास्तव में पाकिस्तान में बनाया या तैयार किया गया था।
जांच में ये जानकारी आई सामने
जांच में यह जानकारी सामने आई है जो सामान पाकिस्तान में बनाए या तैयार किए गए हैं, उन्हें पहले पाकिस्तान से दुबई ले जाया जाता है। इसके उन सामानों को दूसरे कंटेनरों और दूसरे जहाजों में डालकर भारत भेजा जाता है। वर्तमान में जिन 39 कंटेनरों को जब्त किया गया है, उनकी जांच से पता चला कि माल को पहले कराची बंदरागल से जेबेल अली बंदरगाह भेजा गया और फिर उसके बाद भारतीय बंदरगाहों तक उन सामानों को लाया गया। बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद ही भारत ने पाकिस्तान से व्यापार को बंद कर रखा है।








